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पूर्वांचल

चंदौली

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री राहत

चंदौली। कोविड-19 जैसी महामार बीमारी से आम जनमानस संकट से गुजर रहा है। उसको देखते हुए एल.पी.जी. डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन चंदौली के एजेंसी डीलरों ने आपस में विचार-विमर्श कर सभी के सर्व सम्मत से जिला पूर्ति निरीक्षक के सानिध्य में शुक्रवार को चंदौली स्तिथ जिलाधिकारी कार्यालय जाकर जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल से मिलकर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित सिंह ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 110800 (एक लाख दस हजार आठ सौ रुपये) की सहायता राशि का चेक सौंपा। इस मौके पर अध्यक्ष अमित सिंह ने जिलाधिकारी से कहा कि हम लोग इस आपदा से लड़ने के लिए और सराकर के हाथों को मजबूत करने के लिए आगे भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवल योजना में मिलने वाले तीन मुफ्त सिलेंडर का भी वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ पुरे जनपद में करवा रहे हैं। गैस एजेंसी के तहत से जहां पर भोजन बन रहा है, वहां भी यथासंभव मदद किया जा रहा हैं। सहायता राशि का चेक सौंपते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित सिंह, उपाध्यक्ष शिव सिंह, एवं अमन सिंह मौजूद थें।

 

मिर्ज़ापुर

पूर्वांचल का एक ऐसा भी है बाहुबली क्षत्रिय नेता जो

 

क्लाउन टाइम्स द्वारा पूछें जानें पर कहा, फोटो खिंचा कर किसी गरीब का मजाक नहीं उड़ान चाहता

मिर्जापुर। कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल7 डिस्टेंस बनाने के लिए पहले चरण में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू किया था। लेकिन मरीज बढ़ने के कारण फिर प्रधानमंत्री ने 19 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया है। लाॅकडाउन के दूसरे चरण में भी तमाम दिक्कतों का सामना गरीब व दिहाड़ी मजदूरों को हो रहीं हैं। हालांकि उनकों किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो इसके लिए जिला प्रशासन व समाजसेवी संस्था हर संभव मदद कर रहीं हैं। वहीं कुछ ऐसी भी संस्था है जो इस परिस्तिथि में राहत सामग्री देकर फोटो खिंचा कर सोशल नेटवर्किंग साइट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो बिना फोटो- बिना प्रदर्शन किये हर संभव मदद कर रहें हैं। ऐसा ही मिर्जापुर जनपद में देखने को मिला। मिर्जापुर में कुछ लोगों को देखा गया कि लॉकडाउन प्रथम व लॉकडाउन द्वितीय में बिना फोटो के लगातार राहत सामग्री वितरण कर रहे हैं। पुछे जानें पर वितरण कर रहे लोगों ने बताया कि भैय्या ने मना किया है फोटो लगाने के लिए। जब उनलोगों से भैय्या के बारें में पुछा गया तो उन्होंने कहा कि मिर्जापुर/ सोनभद्र के पूर्व एमएलसी विनीत सिंह हैं। इनके ही निर्देश पर अनवरत 500 भोजन पैकेट बाटा जा रहा है।

क्लाउन टाइम्स ने जब बाहुबली पूर्व एमएलसी विनीत सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि यें मानव सेवा है। मैंने अपने सभी लोगों को मना कर रखा है कि किसी जरूरतमंद को राहत सामग्री देतें वक्त फोटो खिंचा कर प्रदर्शन नहीं करना है। उन्होंने कहा कि देनें वाला तो बहुत शान से देकर फोटो खिंचा कर सोशल साइट्स पर अपलोड कर देता है। पर जो गरीब, जरूरतमंद होतें है उन पर क्या गुजरती होगीं किसी ने सोचा। उन्होंने कहा कि मै भी इसी मिट्टी का बना हूँ। भारत माँ की सेवा करना मेरा कर्तव्य है। जब तक तक लाॅकडाउन चलेगा किसी गरीब को भूखा सोने नहीं दूंगा। उन्होंने कहा कि अगर लाॅकडाउन के वजह से और भी कोई ऐसा हो जो आर्थिक रूप से कमजोर हो वह हमसे मिल सकता है। मैं उनकी जान व पहचान और मान सम्मान को गुप्त रखतें हुए हर संभव मदद करेगें।

 

जौनपुर

अधिवक्ता अभिषेक दूबे के तर्क से आरोपियों को मिलीं

जिला जज एवं सत्र न्यायालय जौनपुर मदन पाल सिंह की अदालत ने लूट व छिनैती के मामले में ग्राम गद्दोपुर थाना जंसा जिला वाराणसी निवासी विनय उर्फ करिया ऊर्फ जयहिंद व दस हजार का इनामी सोनू यादव उर्फ सुनील यादव की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत ने पचास - पचास हजार की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से फौजदारी अधिवक्ता अभिषेक कुमार दूबे ने तर्क दिया।

जानें क्या है मामला

अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा विनोद कुमार मौर्या ने थाना केराकत जिला जौनपुर में प्राथमिक दर्ज कराई थी कि 4 जून 2020 को सुबह 8:36 पर घर के करीब उसके ग्राहक सेवा केंद्र मखदूमपुर में वह और उसके सहयोगी राजकुमार मौर्या मौजूद थे, कि उसी समय दो अज्ञात व्यक्ति ग्राहक सेवा केंद्र पर आकर असलहा सटा कर उसका रूपया छिन कर भागने लगे जब उसने ऊपर से शोर मचाया तो नीचें के दुकानदार बदमाशों को दौड़ाये तो उसका गमछा में कुछ रूपयें फेक दियें तथा उसमें से कुछ रूपया लेकर पराउगंज की तरफ मोटर साइकिल से भाग गयें। बदमाश भागते समय हवाई फायरिंग करतें हुये भाग गयें। भागते हुए और लोगों ने भी देखा है और पहचाना है।

जानें क्या दिया अभियुक्तों के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक कुमार दूबे ने तर्क

अभियुक्त विनय उर्फ करिया उर्फ जयहिंद व दस हजार का इनामिया सोनू यादव उर्फ सुनील यादव के विद्वान अधिवक्ता अभिषेक कुमार दूबे ने कोर्ट में तर्क दिया कि प्रार्थी निर्दोष है। उसे गलत ढंग से अभियुक्त बनाया गया है। प्रार्थी गण द्वारा कोई अपराध नहीं किया है। आवेदकगण प्रथम सूचना रिपोर्ट नामित नहीं है। कथित घटना का कोई चक्षुदर्शी साक्षी नहीं है। आवेदकगण सम्मानित परिवार के सदस्य हैं। अभियुक्तगण के पास से कोई बरामदगी नहीं है। प्रार्थी का कोई अपराधिक इतिहास नहीं है। प्रार्थी को परेशान करने के लिए अभियुक्त बनाया गया है।

प्रार्थी को पुलिस घर से पकड़ कर थाने ले गई और फर्जी चालान कर दिया। कहां अभियुक्त विनय उर्फ करिया ऊर्फ जयहिंद और सोनू यादव सुनील यादव 13 जून 2020 से जेल में है। उपरोक्त आधारों पर आवेदक को जमानत प्रदान किए जाने का निवेदन विद्वान अधिवक्ता अभिषेक कुमार दूबे द्वारा किया गया है।

कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का दिया आदेश

कोर्ट ने अभियुक्तों के विद्वान अधिवक्ता अभिषेक कुमार दूबे एवं राज्य की ओर से विद्वान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी के तर्कों को सुना एवं अभियोजन प्रपत्रों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्तों को मुबलिग 50- 50 हजार की दो जमानतें तथा इतने ही धनराशि का व्यक्तिगत बंधपत्र प्रस्तुत करने पर संबंधित मजिस्ट्रेट की संतुष्टि पर जमानत पर रिहा किया जाए।

 

इलाहाबाद

यूपी बार कौंसिल चेयरमैन के दिए गए बयान पर इलाहाबाद

इलाहाबाद मेरठ की दुरी ज्यादा है अगर मेरठ में नया बेंच खुलेगा तो आम जनता को फायदा होगा। हरिशंकर सिंह

एशिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट में बेंच के बंटवारे को लेकर बीते कई सालों से विवाद चल रहा है।कभी चुनावी मौसम में राजनीतिक दलों द्वारा बेंच के बंटवारे की बात कही जाती है। तो कभी क्षेत्रीय अधिवक्ताओं द्वारा बांटने की मांग उठती रही है। वहीं एक बार फिर हाईकोर्ट के बेंच के बंटवारे की मांग के खिलाफ अधिवक्ता सड़क पर उतर आए हैं।

लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट की बेंच बनाए जाने की मांग उठ रही है। जिसका विरोध इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं द्वारा किया जाता रहा है। अभी भी लगातार इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता इस बात पर अड़े हुए हैं कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय कि अन्य और कोई बेंच नहीं बनाई जानी चाहिए। इस मुद्दे पर राजनीति भी खूब जम के होती है। मौजूदा यूपी बार काउंसिल अध्यक्ष हरिशंकर सिंह के दिए गए बयान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता बार के अध्यक्ष के खिलाफ ही आवाज बुलंद कर रहे हैं।

गौरतलब है कि बीते दिनों एक बयान में यूपी बार के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने पश्चिमी यूपी में बेंच बनाये जाने का समर्थन करते हुए बयान दिया कि कोर्ट की एक और बेंच होनी चाहिए। उनके इस बयान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने भयंकर आक्रोश देखने को मिल रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के नाराज अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष हरिशंकर सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और उनका पुतला हाईकोर्ट के बाहर जलाया और मांग करते हुए कहा कि हरिशंकर सिंह अपने दिए गए बयान को वह वापस लें माफी मांगे।

बेंच बनाना राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री का क्षेत्राधिकार है ना कि यूपी बार कौंसिल का, मिडिया के पुछे गयें सवाल पर कहा बेंच खुलने से हमें कोई परेशानी नहीं

क्लाउन टाइम्स ने जब उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मैं मेरठ में वकीलों की अनुशासन समिति की सुनवाई करने के लिए गया था तो वहां पर मौजूद मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल में कि उत्तर प्रदेश में नया बेंच खुल जाए तो आपको क्या परेशानी है। हमने कहा हमें कोई परेशानी नहीं है क्योंकि यह काम तो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के क्षेत्राधिकार का है ना कि उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के चेयरमैन के क्षेत्राधिकार का। मिडिया ने कहा कि इलाहाबाद और मेरठ की दुरी बहुत है। तो मैंने कहा अच्छी तो बात है यहां नया बेंच खुल जायेगा तो आम जनता को सहायता मिलेगी। हमने तो आम जनता के हित की बात कहीं है। अगर कोई विरोध कर रहा है तो मैं क्या करूं।

अपना प्रदेश

देश/विदेश

खेल

अमेचर मुएथाई एसोसिएशन वाराणसी का ऑनलाइन मीटिंग सम्

वाराणसी अमेचर मुएथाई एसोसिएशन का गठन एवं ऑनलाइन मीटिंग शनिवार 1 अगस्त को सम्पन्न हुआ. वाराणसी मुएथाई एसोसिएशन के अध्यक्ष जयप्रकाश यादव ने एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों के साथ वाराणसी मे मुएथाई खेल के प्रचार प्रसार एव खेल की गतिविधियों को लेकर ऑनलाइन मीटिंग की. जिसमे मुख्य संरक्षक मनोज यादव, संरक्षक राजेंद्र तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष शैलेश सिंह, सचिव डॉक्टर पंकज कुमार, उप सचिव धर्मेन्द्र यादव, और एसोसिएशन के कार्यकारी सदस्य शामिल हुए. अध्यक्ष जयप्रकाश यादव ने बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश मुएथाई एसोसिएशन को उत्तर प्रदेश ओलिंपिक कमेटी ने मान्यता दी है. और वाराणसी मुएथाई एसोसिएशन उत्तर प्रदेश मुएथाई एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त है.

राजनीति

मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का उप राज्यपाल बनाये ज

पूर्वांचल के विकास पुरुष कहें जानें वाले पूर्व केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री व संचार मंत्री मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का उप राज्यपाल बनाए जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओ में खुशी की लहर दौड़ गई। इस खुशी के मौके पर भाजपा नेता प्रभात सिंह मिंटू ने कार्यकर्ताओ को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। इस मौके पर प्रभात सिंह मिंटू ने कहा कि रेल राज्यमंत्री रहते हुए मनोज सिन्हा ने अपने कार्यकाल में पूर्वांचल का बहुमुखी विकास करने के कारण में लोकप्रिय हो गए थे और उनके नाम के साथ विकास पुरुष का नाम भी जुड़ गया था, लेकिन गाजीपुर से लोकसभा का चुनाव हारने के बाद पूर्वांचल वासियों को काफी निराशा हुई थी। लोग निराशा के बीच यब बातें करने लगे थे कि पूर्वांचल में विकास की गंगा बहाने के बाद भी उन्हें हार का मुंह क्यों देखना पड़ा। फिर भी लोगों को यह उम्मीद थी कि उनकी पद-प्रतिष्ठा बनी रहेगी और हुआ भी कुछ ऐसा ही। श्री मिंटू ने कहा कि मनोज सिन्हा को केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया। इससे पूर्वांचल सहित पूरे  देशवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर, जे. पी. दुबे, डॉ राकेश सिंह, पवन सिंह, हौसला पांडेय, विजय मुलायम पाल, सुशील कुमार रघु सिंह बाबा यादव, लव मिश्रा, राजेश चौरसिया, अजय पटेल, अतुल रावत आदि उपस्थित रहे।

जुर्म

मदरसा दायतुल इस्‍लाह के लाखों का घोटाला करने व

मदरसा दायतुल इस्लाह के सेक्रेट्री रिज़वान अहमद द्वारा मदरसे का लाखो रुपया घोटाला करने के मामले में जमानत पर सुनवाई एक बार फिर टली। अपर जिला जज लोकेश राय की अदालत में 6 अगस्त को ज़मानत पर सुनवाई होनी थी पर कचहरी परिसर में कई अधवक्ताओ और कर्मचारियों को कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने पर ज़िला जज ने कचहरी बंद करने का आदेश दिया। 10 अगस्त को कचहरी खुलने पर मुक़दमे में सुनवाई की तिथि नियत की जाएगी। गौरतलब है कि मदरसा दायतुल इस्लाह के कोषाध्यक्ष जहांगीर आलम ने 2018 में जैतपुरा थाने में 45 लाख रुपये से अधिक के घोटाले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें जांच अधिकारी ने रिज़वान अहमद व बदरुद्दीन के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अभियुक्त में उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अपील की जिसमे माननीय उच्च न्यायालय ने अभियुक्त को एक माह के अंदर निचली अदालत में समर्पण करने का आदेश दिया था। अभियुक्त रिज़वान अहमद ने 30 जून को अदालत में समर्पण किया जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया। इस मामले में वादी की तरफ से अनुज यादव, विपिन शर्मा, जे पी सिंह, श्रीनाथ त्रिपाठी सहित कई अधिवक्ताओं ने ज़मानत का विरोध कर रहे हैं।  

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