चंदौली/ बरहनी। यूपी के जनपद चंदौली के बरहनी विकास खंड अंतर्गत अदसड़ ग्राम सभा, जो कभी जिले के पिछड़े गांवों में गिना जाता था, आज विकास की नई कहानी लिख रहा है। यूपी-बिहार सीमा के करीब स्थित यह गांव पहले बुनियादी सुविधाओं से काफी दूर था। गांव तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क तक नहीं थी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी ग्रामीणों तक मुश्किल से पहुंच पाता था।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2014 से पहले गांव में विकास कार्य लगभग शून्य थे। कंदवा होते हुए ककरैत गांव तक जाने वाला मार्ग और पुल ही यूपी-बिहार के लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता था। लेकिन बीते कुछ वर्षों में गांव की तस्वीर तेजी से बदली है।
करीब 5 हजार की आबादी वाले इस गांव में 65 प्रतिशत पुरुष और 35 प्रतिशत महिलाएं निवास करती हैं। वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में महिला सीट होने के कारण किरण सिंह ने चुनाव जीता था। उन्हें लगभग 680 वोट मिले थे, जबकि आनंदी सिंह करीब 600 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहीं।
ग्राम सभा की साक्षरता दर लगभग 66 प्रतिशत बताई जा रही है। जातीय समीकरण की बात करें तो गांव में ठाकुर समाज की आबादी सबसे अधिक है, जबकि दूसरे स्थान पर दलित और तीसरे स्थान पर अहीर बिरादरी के लोग निवास करते हैं।
ग्राम सभा का वार्षिक बजट लगभग 16 लाख रुपये बताया जा रहा है। पांच वर्षों में यह बजट करीब 90 लाख रुपये तक पहुंचता है। गांव में करीब 1500 लोग मजदूरी पर निर्भर हैं, जबकि लगभग 60 प्रतिशत ग्रामीण कृषि कार्य से जुड़े हैं।
सरकारी योजनाओं के तहत गांव में करीब 60 विधवा पेंशन और 209 वृद्धा पेंशन स्वीकृत हैं। वहीं मुख्यमंत्री आवास और विकलांग आवास योजना के तहत लगभग 40 वनवासी परिवारों को लाभ मिला है। आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 160 लोगों को लाभ दिया गया है और कई अन्य लाभार्थियों के लिए प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड मिलाकर लगभग 400 लोगों को खाद्यान्न योजना का लाभ मिल रहा है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नीरज सिंह ने बताया कि उनके कार्यकाल में गांव में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले गांव में बिजली व्यवस्था बेहद खराब थी और मुख्य सड़क भी नहीं थी। सांसद महेंद्र नाथ पांडेय से वार्ता कर ककरैत-अदसड़ मार्ग का निर्माण कराया गया। साथ ही गांव में जगह-जगह आरसीसी सड़क, स्ट्रीट लाइट और मनरेगा योजना के तहत सड़क निर्माण व नहर सफाई जैसे कार्य भी कराए गए हैं।
वहीं ग्रामीण राजू रतन सिंह ( पिंटू ) ने ग्राम प्रधान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अदसड़ गांव बरहनी ब्लॉक के पिछड़े गांवों में गिना जाता था, लेकिन बीते साढ़े चार वर्षों में गांव में तेजी से विकास हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि हरिजन बस्ती, वनवासी बस्ती और गुप्ता बस्ती समेत कई इलाकों में आरसीसी सड़क निर्माण कराए गए हैं, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है।