लक्ष्मी हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक राय ने लोगों से की प्रदूषण मुक्त एवं सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील
वाराणसी। दीपों का महापर्व दीपावली खुशियों, रोशनी और उल्लास का प्रतीक है, लेकिन पटाखों से निकलने वाला जहरीला धुआं और हानिकारक गैसें सांस एवं फेफड़ों के मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं। लक्ष्मी हॉस्पिटल, रोडवेज कैंट, वाराणसी के प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक राय ने आम जनमानस से दीपावली पर विशेष सावधानी बरतने और पर्यावरण के अनुकूल त्योहार मनाने की अपील की है।
डॉ. अशोक राय ने बताया कि पटाखों के धुएं में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड तथा विभिन्न हानिकारक सूक्ष्म कण मौजूद हो सकते हैं। ये कण सांस के माध्यम से फेफड़ों की गहराई तक पहुंचकर श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। विशेष रूप से अस्थमा (दमा), सीओपीडी और एलर्जी से पीड़ित मरीजों में सांस फूलना, लगातार खांसी, सीने में जकड़न तथा अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को प्रदूषित वातावरण से विशेष रूप से बचना चाहिए।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों पर जोर देते हुए डॉ. राय ने बताया कि अत्यधिक प्रदूषण के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। आवश्यकता पड़ने पर सही फिटिंग वाले एन-95 मास्क का उपयोग करें। दमा और एलर्जी के मरीज अपनी नियमित दवाएं एवं चिकित्सक द्वारा निर्धारित इनहेलर अपने पास रखें। डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं की खुराक में बदलाव न करें। अधिक धुएं के समय घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें तथा पर्याप्त पानी पिएं। सांस लेने में अधिक परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।
डॉ. अशोक राय ने कहा कि दीपावली का वास्तविक आनंद पटाखों के शोर और धुएं में नहीं, बल्कि दीपों की रोशनी, परिवार की खुशियों और आपसी प्रेम में है। इसलिए पटाखों से दूरी बनाकर दीयों, रंगोली और मिठाइयों के साथ पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाएं।
उन्होंने संदेश दिया—
“दीपावली का त्योहार रोशनी और उल्लास का प्रतीक है, इसे प्रदूषण का जरिया न बनने दें। अपनी और अपनों की सांसों की सुरक्षा के लिए पटाखों से दूरी बनाएं और सुरक्षित दीपावली मनाएं।”
— डॉ. अशोक राय
प्रबंध निदेशक, लक्ष्मी हॉस्पिटल
रोडवेज, कैंट, वाराणसी