धनतेरस पर शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ और वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल शुक्रवार को खुद सड़कों पर उतरे। उन्होंने मंडुवाडीह चौराहे से महमूरगंज, सिगरा और रथयात्रा तक पैदल गश्त कर यातायात, पार्किंग, अतिक्रमण और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों और शोरूम संचालकों को अपने यहां अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर जाम रोकने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने प्रतिष्ठानों के सामने अनियोजित पार्किंग और ग्राहकों की भीड़ के कारण लग रहे जाम का संज्ञान लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखना पुलिस के साथ-साथ बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों की भी जिम्मेदारी है। प्रतिष्ठान संचालक अपने कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के माध्यम से ग्राहकों के वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करें, ताकि सड़क और फुटपाथ पर अवरोध न हो।
पुलिस आयुक्त ने पार्किंग स्थल भरने पर वाहन चालकों को नजदीकी वैकल्पिक पार्किंग की ओर भेजने और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाने की उपलब्ध पुलिस फोर्स का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा सड़क, प्रमुख चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात रहना चाहिए। यातायात और स्थानीय पुलिस आपसी समन्वय से जाम संभावित स्थलों पर निगरानी रखें और जरूरत के अनुसार यातायात डायवर्जन लागू करें।
मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने मैदागिन से रामापुरा चौराहे तक पैदल गश्त की। उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन तथा श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना और दर्शन व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज से भी सुरक्षा एवं सुगम दर्शन को लेकर चर्चा की।
मां अन्नपूर्णा मंदिर के कपाट 6 से 10 नवंबर तक पांच दिनों के लिए स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन हेतु खोले गए हैं। प्रतिदिन सुबह पांच बजे से रात 11:15 बजे तक दर्शन की व्यवस्था है। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को मंदिर परिसर और दर्शन मार्गों पर प्रभावी बैरिकेडिंग, निर्धारित प्रवेश-निकास व्यवस्था और कतारबद्ध दर्शन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों को विशेष सहायता उपलब्ध कराने को भी कहा।
पुलिस आयुक्त ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। भीड़ के दबाव और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त महिला पुलिस बल और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार करने तथा जेबकतरों और अराजक तत्वों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। गलत दिशा में वाहन चलाने, नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। साथ ही एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों के आवागमन के लिए प्रमुख मार्गों को बाधामुक्त रखने पर जोर दिया।
पुलिस आयुक्त ने सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्था की निगरानी करने तथा जाम और भीड़ से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।