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संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल के वार्षिकोत्सव ‘कलरव-2026’ में बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा, रामायण मंचन रहा आकर्षण



 04/Nov/26

कोइराजपुर परिसर में दोनों शाखाओं के 1200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, शिव स्तुति, पंचतत्व नृत्य नाटिका और अमिताभ बच्चन के सिनेमाई सफर की दिखी झलक

वाराणसी। कोइराजपुर स्थित संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल में बुधवार को विद्यालय की कोइराजपुर और गिलट बाजार शाखा के कनिष्ठ वर्ग का संयुक्त वार्षिकोत्सव ‘कलरव-2026’ उत्साह और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। समारोह में दोनों शाखाओं के 1200 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शास्त्रीय, ऐतिहासिक और आधुनिक कला के संगम से सजे कार्यक्रम में रामायण पर आधारित प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र का मंचन मुख्य आकर्षण रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ शिव स्तुति से हुआ। इसके माध्यम से भगवान शिव के विराट स्वरूप और द्वादश ज्योतिर्लिंगों की दिव्यता को प्रस्तुत किया गया। इसके बाद पंचतत्वों के महत्व को दर्शाती नृत्य नाटिका ने प्रकृति और मानव कल्याण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने महानायक अमिताभ बच्चन के सिनेमाई सफर को उनके लोकप्रिय गीतों और संवादों के माध्यम से मंच पर उतारा। वहीं, केसरिया हुंकार और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना पर आधारित समूह नृत्य में देश की विविध संस्कृतियों और एकता की झलक देखने को मिली।

समारोह का विशेष आकर्षण रामायण पर आधारित प्रभु श्रीराम के संपूर्ण जीवन चरित्र का मंचन रहा। राम दरबार की आकर्षक झांकी और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्यम मिश्रा और विशिष्ट अतिथि लेखक एवं नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ला उपस्थित रहे। अन्य अतिथियों में इग्नू के डिप्टी रजिस्ट्रार बनमाली सिंह, सीआरपीएफ की 95वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश्वर एस. बालापुरकर, जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह, सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक बृजेश सिंह राणा, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे। संस्था के सचिव राहुल सिंह ने अतिथियों और अभिभावकों का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्य अतिथि सत्यम मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों के भीतर संस्कार और मानवीय मूल्यों का विकास ही शिक्षा की सबसे बड़ी आधारशिला है। यही मूल्य उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। संस्कारपूर्ण शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के बिना श्रेष्ठ समाज की कल्पना संभव नहीं है।

प्रधानाचार्या डॉ. नीलम सिंह ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों का बचपन सभी में नई आशा और ऊर्जा का संचार करता है। विद्यालय उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने बताया कि दोनों शाखाओं के कुल 1200 से अधिक विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

निदेशिका डॉ. वंदना सिंह और उपनिदेशक आयुष्मान सिंह ने कहा कि ‘कलरव’ के माध्यम से भावी भारत की प्रतिभा और संभावनाओं की झलक देखने को मिली। उन्होंने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर गिलट बाजार शाखा की प्रधानाध्यापिका अमिता सिंह सहित दोनों शाखाओं के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 11 की आराध्या राय और कक्षा 10 के हुजैफा इकबाल ने किया।


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