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धनतेरस पर पांच दिन होंगे मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी दर्शन, भक्तों को मिलेगा खजाना



 04/Nov/26

6 नवंबर को सुबह पांच बजे खुलेंगे मंदिर के कपाट, सिक्कों के रूप में वितरित होगा खजाना; 10 नवंबर को अन्नकूट महोत्सव के बाद एक साल के लिए बंद होंगे पट

वाराणसी। काशी के अन्नपूर्णा मंदिर में धनतेरस के अवसर पर श्रद्धालुओं को मां अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन और खजाना प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। 6 नवंबर को तड़के तीन बजे विधि-विधान से पूजन शुरू होगा। सुबह पौने पांच बजे तक पूजन और आरती के बाद पांच बजे आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। इस दौरान भक्तों को खजाने के रूप में सिक्कों का वितरण किया जाएगा।

बुधवार को बांसफाटक स्थित काशी अन्नपूर्णा क्षेत्र के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में महंत शंकर पुरी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धनतेरस पर इस बार शुभ योग बन रहा है। अभिजीत मुहूर्त में माता का विधिवत पूजन और आरती करने के बाद खजाने की पूजा की जाएगी। श्रद्धालुओं को इस बार लगातार तीसरे वर्ष पांच दिनों तक मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन का अवसर मिलेगा। इससे पहले वर्ष में केवल चार दिन ही यह दर्शन सुलभ होता था।

मंदिर प्रबंधन के अनुसार, धनतेरस यानी 6 नवंबर को सुबह पांच बजे से रात 11:30 बजे तक दर्शन और खजाना वितरण होगा। वहीं, 7 से 10 नवंबर तक प्रतिदिन सुबह चार बजे से रात 11:15 बजे तक श्रद्धालु मां अन्नपूर्णा के दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के साथ भूमि देवी, लक्ष्मी और रजत महादेव के दर्शन भी होंगे।

10 नवंबर को अन्नकूट महोत्सव के अवसर पर मंदिर में लड्डुओं की भव्य झांकी सजाई जाएगी। रात 11:30 बजे मां की महाआरती होगी। इसके बाद स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का कपाट एक वर्ष के लिए बंद कर दिया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन मार्ग निर्धारित किया गया है। भक्त बांसफाटक से गेट नंबर एक स्थित ढुंढिराज मार्ग से मंदिर पहुंचेंगे। यहां बनाई गई अस्थायी सीढ़ियों से होते हुए मां के स्वर्णमयी स्वरूप का दर्शन करेंगे और इसके बाद कालिका गली से बाहर निकलेंगे।

मंदिर के प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कि दर्शनार्थियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है और कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी होगी। श्रद्धालुओं के उपचार के लिए मेडिकल टीम तैनात रहेगी। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर सेवादारों की नियुक्ति की गई है, ताकि भक्तों को सुगम दर्शन कराया जा सके।

प्रेसवार्ता में प्रदीप श्रीवास्तव, राकेश तोमर, नीलकंठ से आए शिवानंद गिरि सहित मंदिर परिवार के सदस्य मौजूद रहे।


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