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वाराणसी में मैनेजर को बंधक बनाकर फिरौती मांगने के मामले में दो आरोपितों को जमानत



 02/Nov/26

अपर जिला जज (प्रथम) की अदालत ने रविशंकर कुमार और सुधीर कुमार यादव को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया; बचाव पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने पैरवी की।

 मैनेजर को कथित तौर पर बंधक बनाकर मारपीट करने, डकैती और फिरौती मांगने के मामले में दो आरोपितों को जमानत मिल गई। अपर जिला जज (प्रथम) संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने सुसुवाही, चितईपुर निवासी रविशंकर कुमार और सुधीर कुमार यादव को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने पैरवी की।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी राजकुमार सिंह ने भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि उनका बेटा सम्राट सिंह पिछले करीब सात महीने से दुर्गाकुंड स्थित निलांचल जगन्नाथ सेवा एलपीटी में मैनेजर के पद पर कार्यरत था।

वादी के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे सम्राट के मोबाइल से फोन आया। वह घबराया हुआ था और उसने अपने पिता से मदद की गुहार लगाते हुए 5 लाख 50 हजार रुपये लेकर आने को कहा। बाद में वादी की पत्नी ने फोन किया तो संस्था के मालिक धवल पटेल ने कथित तौर पर सम्राट पर ग्राहकों के पैसे में हेराफेरी का आरोप लगाया और रकम भेजने की मांग की। प्राथमिकी के अनुसार, पैसे मिलने तक सम्राट को नहीं छोड़ने की बात कही गई।

परिजन मकान की रजिस्ट्री की मूल प्रति लेकर वाराणसी पहुंचे। आरोप है कि सम्राट को होटल हरे कृष्णा में बंद रखा गया था। जब परिजनों को उससे मिलने दिया गया, तो उसके सिर से खून बह रहा था और शरीर पर चोट के निशान थे। वादी ने आरोप लगाया कि बेटे को वहां से ले जाने की कोशिश पर मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर मारपीट की। परिवार के मोबाइल फोन भी जमा करा लिए गए और रिश्तेदारों से पैसे मंगाने का दबाव बनाया गया।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि 7 सितंबर की शाम वादी की पत्नी के सोने-चांदी के आभूषण छीन लिए गए। वादी के अनुसार, बाद में उन्हें लखनऊ स्थित मकान ले जाकर दबाव में चार-चार लाख रुपये के चार चेक और 40 हजार रुपये का एक अन्य चेक लिया गया। आरोपितों पर लखनऊ के मकान और प्रतापगढ़ स्थित पैतृक गांव की संपत्ति का वीडियो बनाने तथा सम्राट से स्टाम्प पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप लगाया गया है। वादी ने मकान की मूल रजिस्ट्री और सम्राट का मोबाइल सिम अपने पास रखे जाने की बात भी कही।

भेलूपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।


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