भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से 29 और 30 अक्टूबर को वाराणसी में भारी वर्षा, गरज-चमक और आंधी-तूफान की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासन ने जनपदवासियों से विशेष सावधानी बरतने और अपनी तथा परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है। प्रतिकूल मौसम के दौरान तेज हवाओं, आकाशीय बिजली, जलभराव, पेड़ों एवं बिजली के खंभों के गिरने और कमजोर भवनों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने, आधिकारिक माध्यमों से जानकारी प्राप्त करने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विशेष रूप से जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों, कच्चे मकानों, कमजोर दीवारों और अस्थायी टिनशेड में रहने वाले परिवारों को मौसम खराब होने से पहले किसी सुरक्षित एवं मजबूत भवन में जाने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
सुरक्षित भवन के अंदर रहें: तेज हवा और आंधी-तूफान के दौरान पक्के एवं सुरक्षित भवन में रहें। खिड़कियों, कांच के दरवाजों, बालकनी और छत के किनारों से दूर रहें। बाहर होने पर जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचें।
जर्जर भवनों से दूर रहें: कमजोर दीवारों, क्षतिग्रस्त छतों और दरार वाले मकानों में रहने से बचें। ऐसे भवनों में रहने वाले परिवार पहले ही सुरक्षित स्थान पर चले जाएं, क्योंकि मौसम बिगड़ने के बाद वहां से निकलना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
पेड़ों और बिजली के खंभों से बचें: तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, विज्ञापन होर्डिंग्स, मोबाइल टावरों, कमजोर दीवारों और निर्माणाधीन संरचनाओं के पास खड़े न हों। घर के आसपास रखी ऐसी वस्तुओं को भी सुरक्षित कर दें, जो हवा में उड़कर किसी को चोट पहुंचा सकती हैं।
आकाशीय बिजली से बचाव करें: गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, छत, तालाब और नदी के आसपास न रहें। किसी सुरक्षित पक्के भवन में आश्रय लें। पेड़ के नीचे शरण लेने से बचें।
जलभराव वाले रास्तों से न गुजरें: भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों, अंडरपास, नालों और जलभराव वाली सड़कों से दूर रहें। पानी की गहराई और बहाव का अनुमान लगाना कठिन होता है। पैदल या वाहन से पानी भरे रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं। नदी और घाटों के आसपास भी विशेष सतर्कता बरतें।
बिजली के उपकरणों से सावधानी बरतें: टूटे हुए बिजली के तारों और क्षतिग्रस्त खंभों से दूर रहें। गीले हाथों से स्विच या विद्युत उपकरण न छुएं। गिरे हुए तारों को हटाने या स्वयं ठीक करने का प्रयास न करें और तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें।
जरूरी सामान तैयार रखें: घर में टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, पीने का पानी, आवश्यक दवाएं और प्राथमिक उपचार सामग्री रखें। मोबाइल फोन चार्ज रखें तथा आपात स्थिति में काम आने वाले संपर्क नंबर अपने पास रखें।
बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों का ध्यान रखें: मौसम खराब होने के दौरान बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, बीमार व्यक्तियों और अकेले रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन ने किसानों से मौसम संबंधी चेतावनी को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने और कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करने की अपील की है। आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की आशंका के दौरान खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी गई है। पशुपालकों से पशुओं को खुले एवं असुरक्षित स्थानों पर न बांधने और उन्हें सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
नदी में नाव चलाने वाले नाविकों और घाटों के आसपास रहने वाले लोगों से भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने तथा सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। प्रतिकूल मौसम के दौरान नदी में अनावश्यक रूप से जाने, स्नान करने और नौका विहार जैसी जोखिमपूर्ण गतिविधियों से बचने की अपील की गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट सूचनाओं और भ्रामक संदेशों पर विश्वास न करने की अपील की है। मौसम संबंधी जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त करें और बिना पुष्टि के किसी सूचना को आगे न भेजें। किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में स्वयं सुरक्षित रहते हुए संबंधित विभाग अथवा जिला प्रशासन को तत्काल सूचित करें।
जिला प्रशासन, वाराणसी ने जनपदवासियों से आगामी दिनों में संभावित प्रतिकूल मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आग्रह किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने, अनावश्यक आवागमन से बचने और समय रहते सावधानी बरतने से संभावित दुर्घटनाओं एवं जनहानि के जोखिम को कम किया जा सकता है।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करें।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, वाराणसी द्वारा जनहित में जारी।