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‘मन की बात’ में खादी की उपलब्धियों का जिक्र, 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार



 28/Oct/26

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों के उत्पाद खरीदने की अपील की, केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने जताया आभार; क्षेत्र में 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को मिल रहा रोजगार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए देशवासियों से त्योहारों के दौरान स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। प्रधानमंत्री के इस प्रोत्साहन पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज गोयल ने खादी परिवार के लाखों कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया।

गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री के निरंतर प्रोत्साहन से खादी को नई पहचान मिली है। यह क्षेत्र अब केवल देश की पारंपरिक विरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

गांधी जयंती पर एक दिन में 28 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री

केवीआईसी अध्यक्ष ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग की उपलब्धियों का उल्लेख होना गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने 3 अक्टूबर 2014 को कार्यक्रम की पहली कड़ी में गांधी जयंती के अवसर पर देशवासियों से खादी का कम से कम एक उत्पाद खरीदने की अपील की थी। इसके बाद खादी की बिक्री और स्वदेशी उत्पादों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री लगातार प्रोत्साहित करते रहे हैं।

गोयल के अनुसार, गांधी जयंती पर एक दिन में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की 28 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री का उल्लेख लाखों कारीगरों, विशेषकर महिला कारीगरों के लिए उत्साहवर्धक है। उन्होंने कहा कि खादी को बढ़ावा देने से स्थानीय उत्पादों के प्रति जनविश्वास मजबूत हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

‘मन की बात’ की अपील से खादी बिक्री को मिली गति

प्रधानमंत्री की खादी संबंधी अपीलों का उल्लेख करते हुए गोयल ने बताया कि 3 अक्टूबर 2014 को खादी खरीदने की अपील के अगले दिन ही, 4 अक्टूबर को, केवीआईसी के प्रमुख आउटलेट पर रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई थी।

उन्होंने बताया कि 26 सितंबर 2021 को ‘मन की बात’ की 81वीं कड़ी और इसके बाद 25 सितंबर 2022 तथा 24 सितंबर 2023 को खादी खरीदने की अपीलों के क्रम में दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित खादी भवन में गांधी जयंती पर उल्लेखनीय बिक्री दर्ज की गई। 2 अक्टूबर 2022 को यहां लगभग 1.34 करोड़ रुपये और 2 अक्टूबर 2023 को 1.52 करोड़ रुपये से अधिक के खादी उत्पाद बिके।

इसी क्रम में 28 सितंबर 2025 को कार्यक्रम की 126वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से 2 अक्टूबर को खादी का कोई एक उत्पाद खरीदने और स्वदेशी होने पर गर्व करने का आह्वान किया था। अब 25 अक्टूबर 2026 को प्रसारित 139वीं कड़ी में उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री का उल्लेख करते हुए त्योहारों पर स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की।

1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचा कारोबार

गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयासों से खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र का कुल कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि इसके माध्यम से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि गुणवत्ता में सुधार, नवाचार और नई पीढ़ी के साथ बेहतर जुड़ाव के माध्यम से खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र आने वाले समय में 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य भी हासिल करेगा।

केवीआईसी अध्यक्ष ने कहा कि आयोग और देशभर के खादी कारीगर ‘वोकल फॉर लोकल’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने खादी को देश की सांस्कृतिक विरासत, स्वदेशी भावना और आर्थिक सशक्तीकरण का प्रतीक बताते हुए इसके उत्पादों को अपनाने की अपील की।


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