आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर भाजपा महिला मोर्चा ने काशी क्षेत्र में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। बाबतपुर स्थित बनारस किला में मंगलवार को आयोजित महिला मोर्चा की क्षेत्रीय बैठक में प्रत्येक बूथ पर पांच महिला कार्यकर्ताओं की टीम गठित करने, महिला मतदाताओं से निरंतर संपर्क बनाए रखने और समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं को संगठन से जोड़ने की रणनीति बनाई गई। बैठक में बूथ प्रबंधन, महिला संवाद और सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल को प्रमुखता दी गई।
बैठक की मुख्य अतिथि भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश की सह प्रभारी डॉ. मेधा कुलकर्णी ने कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की पहुंच घर-घर तक बनाने, महिलाओं से संवाद स्थापित करने और केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देना होगा।
डॉ. मेधा कुलकर्णी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सपा और भाजपा सरकारों के कार्यकाल की तुलना करते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से महिला सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आर्थिक-सामाजिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने को कहा।
उन्होंने लाभार्थी महिलाओं से नियमित संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याएं सुनने और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को समझने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को संगठन और सरकार के बीच संपर्क सूत्र के रूप में काम करना चाहिए।
बैठक में प्रत्येक बूथ पर पांच महिला कार्यकर्ताओं की टीम बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। ये कार्यकर्ता महिला मतदाताओं से संपर्क, घर-घर संवाद, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत और स्थानीय महिला समूहों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगी।
इसके साथ ही विधानसभा स्तर पर सोशल मीडिया पर सक्रिय ऐसी 50 महिलाओं को चिह्नित करने की तैयारी है, जिनके सोशल मीडिया खातों पर पांच हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। प्रत्येक मंडल में बूथ समन्वय बैठकें आयोजित करने और संगठनात्मक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया।
डॉ. कुलकर्णी ने महिला मोर्चा का दायरा समाज के विभिन्न वर्गों तक बढ़ाने की आवश्यकता बताई। इसके लिए डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षिकाओं, उद्यमियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सरकारी योजनाओं की लाभार्थियों, स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों और बैंक सखियों से संपर्क कर उनकी सूची तैयार करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही। साथ ही प्रदेश में सड़कों और एक्सप्रेसवे सहित आधारभूत ढांचे के विस्तार का जिक्र करते हुए विकास कार्यों की जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने का आह्वान किया।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने संगठन की मजबूती के लिए अनुभवी पदाधिकारियों के मार्गदर्शन और नई कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की ताकत समर्पित कार्यकर्ताओं, आपसी समन्वय और समाज के बीच निरंतर सक्रियता में निहित है।
उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं की प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को संगठनात्मक जिम्मेदारियों से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि संगठन की गतिविधियां केवल बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभाव बूथ स्तर पर भी दिखाई देना चाहिए। इसके लिए उन्होंने सुनियोजित कार्यप्रणाली, बेहतर तालमेल और परिणामोन्मुख प्रयासों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
बैठक में महिला मतदाताओं से संपर्क, बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया पर सक्रिय महिलाओं की भागीदारी, विभिन्न सामाजिक वर्गों से संवाद और केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार को लेकर एकीकृत रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ऊषा बाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा, प्रदेश उपाध्यक्ष कृतिका अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री अनीता सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष रानिका जायसवाल, क्षेत्र अध्यक्ष सुनीता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, क्षेत्रीय महामंत्री अनूप जायसवाल, रीता जायसवाल और नम्रता चौरसिया मंचासीन रहीं।
इस अवसर पर मीना चौबे, अविलाषा गुप्ता नंदी, संगीता बलवंत, वर्तिका सिंह, महानगर अध्यक्ष महिला मोर्चा प्रज्ञा पांडेय, बबीता तिवारी, गीता शास्त्री, साधना वेदांती, विभव सिंह, रचना अग्रवाल, पूजा पांडेय, प्रियंका दुबे, यशा मौर्या, किरण मिश्रा, तनुप्रिया श्रीवास्तव और शैलेंद्र मिश्रा सहित महिला मोर्चा के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।