वाराणसी। शहर में सीवर और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अमृत 2.0 कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों में तेजी लाने की कवायद शुरू हो गई है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मंगलवार को भेलूपुर, नरिया, दुर्गाकुंड, सराय नंदन और जोलहा उत्तरी वार्डों के क्लस्टर-4 में चल रहे सीवर एवं गृह संयोजन कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं, पेयजल योजना के तहत साकेत नगर पार्क में प्रस्तावित ओवरहेड टैंक के निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने का निर्देश दिया।
उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के निर्माण खंड-प्रथम की देखरेख में संचालित इस योजना पर कुल 143.80 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत पांचों वार्डों में कुल 149.29 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क बिछाया जाना है। साथ ही, 20,246 घरों को सीवर लाइन से जोड़ने के लिए गृह संयोजन का कार्य प्रस्तावित है। योजना का उद्देश्य क्षेत्र में सीवर व्यवस्था को मजबूत करना और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने पेयजल योजना के अंतर्गत साकेत नगर पार्क में प्रस्तावित शिरोपरि जलाशय (ओवरहेड टैंक) के स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि टैंक का निर्माण कार्य यथाशीघ्र शुरू कराया जाए, ताकि स्थानीय आबादी को बेहतर पेयजल आपूर्ति का लाभ मिल सके। इस परियोजना से क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
नगर आयुक्त ने नरिया वार्ड में एलन कोचिंग के पास 400 मिलीमीटर व्यास की सीवर लाइन बिछाने के कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण के दौरान आम लोगों के आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि सीवर लाइन बिछाने के लिए जिन सड़कों की खुदाई की गई है, उन्हें तत्काल चलने योग्य बनाया जाए। सड़क को दुरुस्त करते समय उचित कॉम्पेक्शन के लिए रोलर का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल किया जाए, ताकि सड़क की सतह मजबूत रहे और दोबारा क्षतिग्रस्त होने की आशंका कम हो।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएं और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का ही इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने सड़क खुदाई के बाद मरम्मत और आवागमन बहाल करने के कार्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा। निरीक्षण के दौरान संबंधित वार्ड के पार्षद, जल निगम के अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।