मिशन शक्ति 6.0 अभियान के तहत रामनगर पुलिस ने पारिवारिक विवादों का आपसी सहमति से समाधान कराकर वैवाहिक संबंधों में मधुरता स्थापित करने की दिशा में सराहनीय पहल की। पूर्व में पारिवारिक विवादों से जूझ रहे और सुलह-समझौते के बाद खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे दंपतियों को 16 अक्टूबर 2026 को थाना रामनगर में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त जोन काशी और अपर पुलिस उपायुक्त जोन काशी के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली के निर्देशन में यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक रामनगर के नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम पारिवारिक विवादों के निस्तारण और वैवाहिक संबंधों में आपसी समझ बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
रामनगर पुलिस की मिशन शक्ति टीम ने पूर्व में पारिवारिक विवादों से संबंधित मामलों में दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इसके बाद आपसी बातचीत, परामर्श और काउंसलिंग के माध्यम से उनके बीच उत्पन्न मतभेदों को दूर कराया गया। पुलिस के प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी और सुलह-समझौते के जरिए विवादों का समाधान किया गया।
समझौते के बाद मिशन शक्ति टीम ने संबंधित दंपतियों से समय-समय पर संपर्क कर उनके पारिवारिक जीवन की स्थिति की जानकारी भी ली। प्राप्त फीडबैक में सामने आया कि दंपति पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर प्रेम, विश्वास और सौहार्द के साथ वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। वर्तमान में उनके बीच कोई विवाद नहीं है।
सकारात्मक परिणामों को देखते हुए रामनगर पुलिस ने संबंधित दंपतियों को थाने पर आमंत्रित कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें भविष्य में भी एक-दूसरे के प्रति प्रेम, विश्वास, सहयोग और सम्मान की भावना बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने कहा कि संवाद और आपसी समझ के माध्यम से पारिवारिक विवादों का समाधान कर वैवाहिक संबंधों को मजबूत बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर थाना प्रभारी संजय मिश्रा, मिशन शक्ति टीम प्रभारी महिला उपनिरीक्षक गरिमा गौतम, महिला कांस्टेबल सरोजनी यादव, महिला कांस्टेबल उमा, महिला कांस्टेबल कृष्णा और महिला आरक्षी सोनी ने दंपतियों को सम्मानित किया।
रामनगर पुलिस की यह पहल पारिवारिक विवादों के सौहार्दपूर्ण निस्तारण, महिला सुरक्षा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मिशन शक्ति अभियान के तहत किए जा रहे ऐसे प्रयासों से परिवारों के बीच आपसी विश्वास बहाल करने और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करने का सकारात्मक संदेश दिया जा रहा है।