MENU

विश्व स्पाइन दिवस पर एपेक्स हॉस्पिटल में 26 निःशुल्क स्पाइन सर्जरी अभियान का समापन



 19/Oct/26

एडवांस्ड तकनीकों से रीढ़ की जटिल सर्जरी कर मरीजों को किया गया डिस्चार्ज, विशेषज्ञों ने स्वस्थ रीढ़ के लिए सही मुद्रा और नियमित व्यायाम अपनाने की दी सलाह

वाराणसी। विश्व स्पाइन दिवस के अवसर पर एपेक्स हॉस्पिटल के एडवांस्ड स्पाइन सेंटर में अक्टूबर माह के दौरान चलाए गए 26 निःशुल्क स्पाइन सर्जरी अभियान का समापन किया गया। अभियान के तहत सफलतापूर्वक स्पाइन सर्जरी कराने वाले मरीजों को स्थिर अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। अभियान का उद्देश्य स्वस्थ रीढ़ और सक्रिय जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ जरूरतमंद मरीजों को उन्नत स्पाइन सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराना था।

एपेक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं वरिष्ठ स्पाइन सर्जन प्रो. डॉ. एसके सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस अभियान के अंतर्गत वरिष्ठ स्पाइन सर्जन डॉ. स्वरूप पटेल और डॉ. अमन वर्मा के कुशल नेतृत्व में 26 निःशुल्क स्पाइन सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। इसमें फेलोशिप स्पाइन सर्जरी के सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों डॉ. नितिन चौधरी, डॉ. शशीधर और डॉ. बासित ने समन्वय के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आधुनिक तकनीकों से की गईं रीढ़ की जटिल सर्जरी

अभियान के दौरान सीटी ओ-आर्म नेविगेशन, न्यूरो मॉनिटरिंग, उन्नत माइक्रोस्कोप और नवीनतम सर्जिकल तकनीकों का उपयोग किया गया। इनकी सहायता से रीढ़ की हड्डी के टेढ़ेपन और कूबड़ को ठीक करने, गर्दन की रीढ़ में नसों पर पड़ रहे दबाव को दूर करने तथा स्क्रू-रॉड के माध्यम से रीढ़ को स्थिर करने जैसी जटिल सर्जरी की गईं।

इसके अलावा छोटे चीरे और कैमरे की मदद से कमर की नसों पर दबाव कम करने, दबी हुई डिस्क के हिस्से को निकालने तथा रीढ़ की हड्डियों को जोड़ने की सर्जरी भी की गईं। गर्दन की खराब डिस्क को सामने की ओर से हटाकर रीढ़ की हड्डियों को जोड़ने, पीठ की रीढ़ में नसों का दबाव दूर कर स्क्रू-रॉड लगाने और खोपड़ी तथा गर्दन के जोड़ पर नसों का दबाव हटाकर जोड़ को स्थिर करने जैसी प्रक्रियाएं भी संपन्न हुईं।

विशेषज्ञों ने रीढ़ के दबे या टूटे हुए मणकों को मजबूत करने के लिए विशेष बोन सीमेंट का उपयोग किया। वहीं, पेट की ओर से पहुंचकर कमर की खराब डिस्क को हटाने और रीढ़ की हड्डियों को जोड़ने जैसी उन्नत सर्जिकल प्रक्रियाएं भी की गईं। इन सभी सर्जरी का उद्देश्य मरीजों की रीढ़ संबंधी समस्याओं का उपचार कर उनकी सक्रिय जीवनशैली बहाल करने में सहायता करना था।

स्वस्थ रीढ़ के लिए सही मुद्रा और नियमित व्यायाम जरूरी

अभियान के समापन पर विशेषज्ञों ने स्वस्थ रीढ़ और सक्रिय जीवनशैली के लिए लोगों को जागरूक किया। उन्होंने सही शारीरिक मुद्रा अपनाने, नियमित व्यायाम करने और लंबे समय तक लगातार बैठने से बचने की सलाह दी। विशेषज्ञों के अनुसार, दैनिक जीवन में इन आदतों को अपनाकर रीढ़ की सेहत बनाए रखने और उससे जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।


इस खबर को शेयर करें

Leave a Comment

2156


सबरंग