प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामलीला के लिए किराये पर मंगाया गया एक हाथी अचानक बेकाबू हो गया। हाथी ने अपने महावत को गंभीर रूप से घायल कर दिया और इसके बाद लंका रामलीला मैदान से सटे एक बड़े बगीचे में घुसकर उत्पात मचाने लगा। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम हाथी को काबू करने में जुट गई।
करीब 12 घंटे तक प्रयास किए जाने के बावजूद हाथी पर काबू नहीं पाया जा सका। सुरक्षा के मद्देनजर रामलीला क्षेत्र के सभी रास्तों को सील कर दिया गया। शाम सात बजे तक हाथी पर काबू पाने की स्थिति में रामलीला आयोजित करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन सफलता नहीं मिलने के कारण रविवार की निर्धारित लीला नहीं हो सकी।
इस बीच, रात 9 बजकर 25 मिनट पर कुंअर अनंत नारायण सिंह अपनी कार से लंका रामलीला मैदान पहुंचे। वहां प्रभु श्रीराम की आरती की गई। इसके बाद रविवार की स्थगित लीला को सोमवार की निर्धारित लीला के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
रामनगर की रामलीला काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है। ऐसे में हाथी के बेकाबू होने के कारण लीला का स्थगित होना आयोजन के दौरान एक असाधारण घटना रही। फिलहाल हाथी को सुरक्षित तरीके से काबू में करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता बनी हुई है।