वाराणसी में विस्फोट के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई, दालमंडी से जैतपुरा तक घनी आबादी वाले इलाकों में पटाखों के भंडारण की जांच जरूरी
वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर स्थित सारंग तालाब इलाके में पटाखा बनाते समय हुए भीषण विस्फोट के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई हुई है। पुलिस उपायुक्त, वरुणा जोन ने पुराना पुल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अनुज शुक्ला और संबंधित बीट के आरक्षी प्रकाशचंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस के अनुसार, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और प्रकरण के अन्य पहलुओं की विभागीय जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने घनी आबादी वाले इलाकों में पटाखा निर्माण, भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि यदि रिहायशी इलाके में पटाखे बनाने का काम हो रहा था, तो इसकी जानकारी संबंधित निगरानी तंत्र को क्यों नहीं हुई? हालांकि, पुलिसकर्मियों की भूमिका और कथित लापरवाही के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
निलंबन से आगे भी तय हो जवाबदेही
पुलिस विभाग की ओर से दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाना मामले में शुरुआती कार्रवाई है। लेकिन इस घटना की पूरी तस्वीर सामने लाने के लिए यह पता लगाना भी जरूरी है कि पटाखा निर्माण कहां और किन परिस्थितियों में हो रहा था, विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और संबंधित गतिविधियों पर निगरानी की क्या व्यवस्था थी।
यदि स्थानीय स्तर पर लंबे समय से पटाखा निर्माण होने के आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह भी जांच का विषय होगा कि संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार विभागों की भूमिका क्या रही। जांच का दायरा केवल पुलिसकर्मियों तक सीमित रहने के बजाय घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट करने वाला होना चाहिए।
दालमंडी और नया चौक जैसे इलाकों में भी निगरानी जरूरी
सारनाथ की घटना के बीच वाराणसी के दालमंडी और नया चौक जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखों के कारोबार और भंडारण को लेकर उठने वाली शिकायतों पर भी ध्यान देना जरूरी है। संकरी गलियों, सघन आबादी और सीमित पहुंच वाले क्षेत्रों में ज्वलनशील सामग्री का असुरक्षित भंडारण आग या विस्फोट की स्थिति में बड़े खतरे का कारण बन सकता है।
जैतपुरा, आदमपुर और बड़ागांव सहित अन्य क्षेत्रों में भी यदि अवैध पटाखा निर्माण या भंडारण की शिकायतें हैं, तो संबंधित विभागों को उनकी जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। दीपावली से पहले ऐसे स्थानों का निरीक्षण, लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
पुलिस और संबंधित विभागों की भूमिका भी हो स्पष्ट
सारनाथ विस्फोट ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था के साथ-साथ अग्निशमन और अन्य संबंधित विभागों की तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, किसी विभाग या अधिकारी की लापरवाही को जांच के निष्कर्ष सामने आने से पहले प्रमाणित नहीं माना जा सकता।
अब देखना होगा कि विभागीय जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या पटाखा निर्माण से जुड़े पूरे मामले की पड़ताल की जाती है। प्रशासन के लिए जरूरी है कि अवैध गतिविधियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करे, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
सारनाथ में दो पुलिसकर्मियों का निलंबन कार्रवाई का संकेत है, लेकिन जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई से ही मिलेगा।
वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र के लल्लापुरा में पुलिस ने ऑनलाइन भाग्य लक्ष्मी एप के माध्यम से जुआ खेलने और खिलाने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 5,827 रुपये नकद और तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रेस नोट में एक कीपैड मोबाइल का भी उल्लेख है।
पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को लल्लापुरा चौकी प्रभारी महिला उपनिरीक्षक प्रीति कुमारी को मुखबिर से सूचना मिली कि लल्लापुरा स्थित राम किशुन यादव की चाय की दुकान पर ऑनलाइन जुआ खिलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दुकान पर छापेमारी की और वहां मौजूद 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार लोगों में अरशद, राजू पटेल, महेंद्र पटेल, राकेश कुमार, इस्तियाक, बबलू राजभर, मनोज निगम, रविंद्र कुमार, वसीम, राम किशुन यादव और मोहम्मद अली अंसारी शामिल हैं। इनकी उम्र 28 से 60 वर्ष के बीच बताई गई है।
पुलिस ने इस मामले में थाना सिगरा में मुकदमा अपराध संख्या 0433/2026 के तहत सार्वजनिक जुआ अधिनियम, 1867 की धारा 13 में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत काशी जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में सिगरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र, चौकी प्रभारी प्रीति कुमारी सहित थाना सिगरा के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
क्लाउन टाइम्स | वाराणसी