वाराणसी। सनबीम स्कूल, अन्नपूर्णा के प्रांगण में गुरुवार को राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति और मांगणियार संगीत परंपरा से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से प्रसिद्ध लोक कलाकार रोशन खान मांगणियार एवं उनके दल की विशेष संगीतमय प्रस्तुति आयोजित की गई। पारंपरिक लोकगीतों और वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनियों से विद्यालय का वातावरण संगीतमय हो उठा। विद्यार्थियों ने राजस्थानी लोक संगीत की विविधता और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जाना।
मांगणियार संगीत परंपरा भारतीय लोक संगीत की अनमोल धरोहर है। पीढ़ियों से संरक्षित इस परंपरा में लोकजीवन, भक्ति, प्रेम, वीरता और राजस्थान की मरुस्थलीय संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिलती है। रोशन खान मांगणियार और उनके दल ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पारंपरिक लोकगीतों, संगीत की विभिन्न शैलियों और लोक वाद्ययंत्रों के महत्व की जानकारी मिली। इस अवसर पर आद्या सिंह, आराध्या विनायक, लविश्का और कुशाग्र सहित अन्य विद्यार्थियों ने कलाकारों से कमायचा और खड़ताल जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों के संबंध में रोचक प्रश्न पूछे। कलाकारों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए इन वाद्ययंत्रों की विशेषताओं और मांगणियार समुदाय की सांगीतिक परंपराओं से परिचित कराया।
कार्यक्रम के समापन पर सनबीम समूह के अध्यक्ष दीपक मधोक एवं उपाध्यक्ष भारती मधोक ने अपने विचारों के माध्यम से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय की निदेशिका अमृता बर्मन ने कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानाचार्या ममता जायसवाल ने विद्यार्थियों को भारतीय लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित किया तथा कलाकारों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस संगीतमय आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय लोक परंपराओं की समृद्धि से परिचित कराने के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना विकसित करने का अवसर प्रदान किया।