स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल, चुर्क में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक अंतरसदनीय खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता में विद्यालय के चार सदनों—विवेकानंद, टैगोर, दयानंद और रमन—के लगभग 330 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न खेलों में प्रतिभागियों ने अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन और टीम भावना का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में रमन हाउस ने प्रथम, दयानंद हाउस ने द्वितीय और विवेकानंद हाउस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि टैगोर हाउस को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रणेता स्वामी हरसेवानन्द जी महाराज के तैलचित्र पर विद्यालय के सचिव एवं प्रबंधक बाबा प्रकाशध्यानानन्द तथा उपस्थित गणमान्य लोगों द्वारा माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में खेलों की भूमिका पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।
तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता में शतरंज, कैरम, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, रस्साकशी, बैडमिंटन, कबड्डी, बास्केटबॉल, खो-खो और क्रिकेट सहित कई खेल आयोजित किए गए। इसके अलावा दौड़ की बैलून रेस, सैक रेस और स्पून-लेमन रेस जैसी प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिताएं प्री-नर्सरी से यूकेजी, कक्षा एक से पांच और कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों के विभिन्न वर्गों में आयोजित की गईं।
मैदान में खिलाड़ियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, आपसी सहयोग और मैत्री भावना देखने को मिली। विद्यार्थियों में पूरे आयोजन के दौरान हर्ष और उत्साह का माहौल रहा।
समापन अवसर पर विद्यालय के सचिव एवं प्रबंधक बाबा प्रकाशध्यानानन्द ने विजेता विद्यार्थियों को शील्ड, ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित रहने तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करते हैं। खेलों के प्रति निष्ठा, ईमानदारी, परिश्रम और आत्मविश्वास ही किसी खिलाड़ी को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ए.के. वर्मा ने अपने संबोधन में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को हमेशा मेहनती और सक्रिय रहना चाहिए। उनके अनुसार, एक खिलाड़ी के शब्दकोश में आलस्य के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
कार्यक्रम के आयोजन में गोरखनाथ, अर्जुन मौर्य, प्रांजलि सिंह, चंचला मिश्रा, आलोक तिवारी, शिव प्रसाद, निर्मला यादव, आंचल पटेल, शुभम प्रजापति, सुप्रिया मौर्य, संतोष विश्वकर्मा, रजनी सिन्हा, शशि राना, सुधा देवी, सुषमा पांडेय, पूजा, सीमा और दीपा सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं का योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन फरहीन सिद्दीकी ने किया।