शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए वाराणसी कमिश्नरेट के गोमती जोन में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस उपायुक्त और अपर पुलिस उपायुक्त, गोमती जोन के निर्देशन में सभी थानों की एंटी रोमियो एवं मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं की जानकारी दी।
अभियान के तहत पुलिस टीमों ने प्रमुख बाजारों, कस्बों, चौराहों, स्कूलों-कॉलेजों, धार्मिक स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं को नारी सम्मान, नारी सुरक्षा और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। इस दौरान महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
पुलिस टीमों ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, वन स्टॉप सेंटर और आयुष्मान योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया।
जागरूकता अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने पंपलेट वितरित कर इन सेवाओं के उपयोग के बारे में बताया।
प्रमुख हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं:
1090: वूमेन पावर लाइन
181: महिला हेल्पलाइन
112: पुलिस आपातकालीन सेवा
1076: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
102: स्वास्थ्य सेवा
108: एंबुलेंस सेवा
1930: साइबर क्राइम हेल्पलाइन
इसके साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं को मोबाइल फोन से आपातकालीन कॉल करने और पैनिक बटन का उपयोग करने की प्रक्रिया के बारे में भी जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने महिलाओं एवं बालिकाओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों और महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति फेज-6.0 अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करना तथा उन्हें अपने अधिकारों एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक बनाना है। शारदीय नवरात्र के दौरान चलाया जा रहा यह अभियान महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।