वाराणसी। काशी में नवरात्र, दुर्गा पूजा, छठ पूजा और देव दीपावली को देखते हुए नगर निगम ने घाटों की सफाई, सीवर व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने की तैयारी तेज कर दी है। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यकारिणी समिति की बैठक में शहर की नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी। बैठक में घाटों से गाद हटाने, नवदुर्गा मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की सफाई, ट्रेड लाइसेंस प्रक्रिया के सरलीकरण, काशी गौ संरक्षण एवं निरीक्षण उपविधि-2026 और पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में महापौर ने सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के कार्यों में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। वहीं, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि घाटों की सफाई शुरू करा दी गई है और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं।
गंगा में बाढ़ के बाद घाटों पर जमा सिल्ट (गाद) का मुद्दा उठाते हुए उपसभापति नरसिंह दास ने सभी घाटों पर युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाने की मांग की। उन्होंने छठ पूजा और देव दीपावली से पहले घाटों को साफ करने के साथ नवरात्र के दौरान सभी नवदुर्गा मंदिरों तक जाने वाले मार्गों, गलियों और सड़कों पर सफाई तथा प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही।
इस पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि घाटों की सफाई शुरू करा दी गई है। कार्यों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने ऋषि मांडवी जोन में म्यूटेशन संबंधी विसंगतियों पर नाराजगी जताई। पुराने वार्डों में सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के कार्यों की धीमी गति पर भी उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई।
महापौर ने कार्यों में तेजी लाने के लिए मैनपावर बढ़ाने और तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंता से प्रत्येक 15 दिन में विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।
दुर्गा पूजा पंडालों और विसर्जन की व्यवस्था को लेकर पार्षद अशोक मौर्य ने प्रस्ताव रखा कि सभी जोनल अधिकारी अपने क्षेत्रों में पूजा पंडाल आयोजकों के साथ बैठक कर विसर्जन स्थलों का चयन करें। साथ ही, विसर्जन के लिए अस्थायी कुंड तैयार कराए जाएं।
इस पर अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि अस्थायी कुंड तैयार करने का कार्य अंतिम चरण में है।
बैठक में बिजली विभाग और गेल कंपनी की ओर से सड़कों एवं गलियों की खुदाई से पहले संबंधित पार्षदों को सूचना देने का मुद्दा भी उठा। पार्षद ने सड़क और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने पर संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग की।
नगर आयुक्त ने बताया कि गेल की ओर से खुदाई के बाद कई गलियों की मरम्मत नहीं कराई गई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मुख्य अभियंता को गेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया।
शहर में आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या का मुद्दा उठाते हुए पार्षद प्रवीण राय ने ऐढ़ स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर में कुत्तों के बंध्याकरण की स्थिति और बंदरों को पकड़ने से संबंधित विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करने की मांग की।
इस पर पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि वर्तमान में एबीसी सेंटर में एक साथ 132 कुत्तों को रखने की क्षमता है, जिसे बढ़ाकर 300 किया जा रहा है। इसके अलावा कुत्तों के बंध्याकरण की संख्या प्रतिदिन 10 से 12 से बढ़ाकर 20 से 25 करने की योजना है।
स्ट्रीट लाइटों और हाईमास्ट लाइटों की खराबी का मुद्दा उठाते हुए पार्षद मदन मोहन तिवारी ने कहा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद 12 घंटे के भीतर लाइटों की मरम्मत नहीं हो रही है। उन्होंने नवरात्र से पहले सभी खराब लाइटों को ठीक कराने और निजी कार्यदायी संस्थाओं द्वारा नगर निगम के लाइनमैनों से मरम्मत कराने पर रोक लगाने की मांग की।
महापौर ने स्पष्ट किया कि स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव के लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के साथ पांच साल का अनुबंध किया गया है। ऐसे में इस अवधि के दौरान लाइटों के रखरखाव और उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित संस्था की होगी।
बैठक में पार्षद संदीप रघुवंशी ने दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास सफाई, सीवर और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने तथा बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की।
पार्षद संजय कुमार केशरी ने वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 में वार्डवार एवं विधानसभावार कराए गए पौधरोपण का विवरण और पौधों की वर्तमान स्थिति की सूची मांगी। उन्होंने नवरात्र के दौरान सीवर ओवरफ्लो होने की स्थिति में जलकल विभाग की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की।
पार्षद सुशीला ने रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के 10 वार्डों में जलभराव, नालियों पर अतिक्रमण और जल निकासी की समस्या उठाई। उन्होंने स्टॉर्म वाटर निकासी के समाधान के लिए आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञों से सर्वे कराकर प्रस्ताव तैयार कराने का सुझाव दिया। इस पर महापौर ने तत्काल जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वहीं, पार्षद बलिराम कन्नौजिया ने करसड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट के शेष कार्यों को पूरा करने की समयसीमा स्पष्ट करने की मांग की। पार्षद राज कपूर चौधरी ने वाराणसी वेस्ट सॉल्यूशन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई, स्मार्ट सिटी परियोजना में प्राप्त एवं खर्च की गई धनराशि का मदवार विवरण और नगर निगम तथा स्मार्ट सिटी के बीच हुए अनुबंध की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया।
विश्वप्रसिद्ध रामनगर रामलीला की व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए पार्षद माधुरी सिंह ने रामलीला स्थल और आसपास के क्षेत्रों में तीन शिफ्टों में सफाई कराने, सीवर निकासी दुरुस्त करने, प्रकाश व्यवस्था सुधारने और रास्तों की मरम्मत कराने का प्रस्ताव रखा।
पार्षद गोविंद प्रसाद सिंह ने 10 प्रतिशत से अधिक कम दर पर टेंडर डालने से संबंधित स्वीकृत संकल्प के अनुपालन और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने सामान्य एवं जलकल विभाग के लंबित कार्यों की वार्डवार सूची पार्षदों को उपलब्ध कराने की मांग की।
पार्षद इंद्रा रानी ने स्मार्ट सिटी ऐप पर लंबित शिकायतों और गलत आख्या लगाकर शिकायतें बंद किए जाने के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। बैठक में इन सभी विषयों पर नगर प्रशासन के समक्ष संबंधित प्रस्ताव रखे गए।
कार्यकारिणी समिति की बैठक में धारा 91 (1) के तहत 'काशी गौ संरक्षण एवं निरीक्षण उपविधि-2026' और ट्रेड लाइसेंस प्रक्रिया के सरलीकरण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। शहर के प्रमुख घाटों और पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण से संबंधित विकास प्रस्तावों पर भी सहमति बनी।
इसके अलावा पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि और सेवारत एवं सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के निस्तारण की प्रक्रिया सरल बनाने संबंधी शासनादेश को भी स्वीकृति दी गई।
बैठक में उपसभापति नरसिंह दास, कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण राय, अशोक मौर्य, राजकुमार चौधरी, मदन मोहन तिवारी, सुशीला, माधुरी सिंह, बलिराम कन्नौजिया, इंद्रा रानी, संजय कुमार केशरी, गोविंद प्रसाद सिंह और संदीप रघुवंशी सहित नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।