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विश्व गठिया दिवस पर एपेक्स हॉस्पिटल में मरीजों ने साझा किए अनुभव, 40 साल में 16 हजार से अधिक सफल जॉइंट रिप्लेसमेंट



 13/Oct/26

वाराणसी में गठिया के प्रति जागरूकता पर जोर, रोबोटिक तकनीक से घुटने और कूल्हे समेत अन्य जोड़ों का प्रत्यारोपण उपलब्ध

वाराणसी। विश्व गठिया दिवस के अवसर पर एपेक्स हॉस्पिटल के एडवांस्ड जॉइंट रिप्लेसमेंट सेंटर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। हॉस्पिटल के चेयरमैन एवं वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन प्रो. डॉ. एसके सिंह के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ रोबोटिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. स्वरूप पटेल ने मरीजों के अनुभव साझा किए। इस दौरान गठिया के कारण, शुरुआती लक्षणों की पहचान और आधुनिक उपचार विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई।

डॉ. स्वरूप पटेल ने एपेक्स हॉस्पिटल में पिछले 40 वर्षों के दौरान घुटने, कूल्हे, कंधे, कोहनी और एड़ी सहित विभिन्न जोड़ों के 16 हजार से अधिक सफल प्रत्यारोपण के अनुभव के आधार पर मरीजों को जागरूक किया। कार्यक्रम का उद्देश्य गठिया की समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर उपचार के महत्व को समझाना रहा।

युवाओं और महिलाओं में भी बढ़ रही जोड़ों के दर्द की समस्या

कार्यक्रम में प्रो. डॉ. एसके सिंह ने बताया कि पहले जोड़ों के दर्द की समस्या मुख्य रूप से बढ़ती उम्र से जुड़ी मानी जाती थी, लेकिन बदलती जीवनशैली और दिनचर्या के कारण अब महिलाओं और कम उम्र के युवाओं में भी यह समस्या देखने को मिल रही है।

उन्होंने कहा कि गठिया की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर दवाओं और नियमित फिजिकल थेरेपी की मदद से इसका उपचार संभव है। हालांकि, जब जोड़ अधिक खराब हो जाते हैं और दर्द के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं, तब मरीजों को जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। समय पर चिकित्सकीय परामर्श और उचित उपचार से बीमारी के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

रोबोटिक तकनीक से जॉइंट रिप्लेसमेंट की सुविधा

एपेक्स हॉस्पिटल के एडवांस्ड जॉइंट रिप्लेसमेंट सेंटर में रोबोटिक सर्जरी सहित आधुनिक तकनीकों और गुणवत्तापूर्ण इम्प्लांट की मदद से जोड़ों के प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल के अनुसार, इन तकनीकों का उद्देश्य सर्जरी में सटीकता और सुरक्षा बढ़ाना है। सेंटर में गोल्ड नी जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में बताया गया कि मरीजों को किफायती दरों पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न कॉरपोरेट पैनल, आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से पात्र मरीजों के लिए निःशुल्क सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध है।

विश्व गठिया दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जोड़ों के दर्द को नजरअंदाज न करने, शुरुआती लक्षणों पर चिकित्सकीय सलाह लेने और समय पर उपचार कराने का संदेश दिया गया।


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