जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक में जनगणना के द्वितीय चरण की तैयारियों, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण और डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संग्रह की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानंद गुप्ता ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया कि 14 अक्टूबर तक अपने-अपने चार्ज में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करें। साथ ही प्रशिक्षण स्थलों का चयन भी समय से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 14 नवंबर तक अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनगणना से संबंधित सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने स्व-गणना के लिए जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक हो सकें।
जनगणना निदेशालय से आए उपनिदेशक एवं मंडल प्रभारी अजय कुमार ने जनगणना-2027 की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति तथा डिजिटल माध्यम से आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि जनगणना एक संवैधानिक एवं वैधानिक गतिविधि है, जो संविधान के अनुच्छेद 246 की संघ सूची और जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत संचालित की जाती है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के माध्यम से घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। इस चरण में परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित 40 प्रश्न पूछे जाएंगे।
जनगणना के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 5 से 9 जनवरी 2027 के बीच रिविजनल राउंड आयोजित किया जाएगा। इस चरण में 4 जनवरी 2027 की रात बेघर लोगों की गणना भी की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनगणना के प्रत्येक चरण की तैयारी समय से पूरी की जाए, ताकि आंकड़ों का संग्रह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुचारु रूप से हो सके।
बैठक में जनगणना के दौरान एकत्र किए जाने वाले आंकड़ों की गोपनीयता पर विशेष जोर दिया गया। उपनिदेशक अजय कुमार ने बताया कि जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत जनगणना से संबंधित आंकड़े पूरी तरह गोपनीय होते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना की प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति से किसी प्रकार का दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि वे लोगों को इस संबंध में सही जानकारी दें और जनगणना प्रक्रिया के प्रति उनका विश्वास बनाए रखें।
बैठक में नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर नगर आयुक्त, सभी उपजिलाधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, चार्ज अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और नगर शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना-2027 के कार्यों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा करें। उन्होंने प्रशिक्षण, स्व-गणना के प्रचार-प्रसार और फील्ड कार्य की तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया।