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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से हाई अलर्ट, 45 मेट्रो स्टेशन बंद; सैकड़ों प्रदर्शनकारी हिरासत में



 10/Oct/26

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान, एसआईआर में कथित अनियमितताओं के विरोध में उतरे आंदोलनकारी; मध्य दिल्ली में इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई। जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। सुरक्षा उपायों के तहत दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी अगले आदेश तक बंद कर दिए गए। इसके अलावा, जंतर-मंतर के आसपास के क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाए जाने की सूचना है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। आंदोलनकारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं।

पार्टी का कहना है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारियों ने राजधानी में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी।

दिल्ली पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने पार्टी को भेजे गए पत्र में कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की आशंका जताई। साथ ही कहा कि पार्टी की ओर से भेजी गई सूचना निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कम से कम 10 दिन पहले दाखिल किया गया औपचारिक आवेदन नहीं थी। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तय दिशा-निर्देशों के तहत निर्धारित समयसीमा में आवेदन करना आवश्यक बताया गया।

अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और पुलिस ने आवाजाही पर निगरानी तेज कर दी।

45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद

सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा की। हालांकि, नई दिल्ली स्टेशन को छोड़कर अन्य स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई।

मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध के कारण यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने की आशंका जताई गई।

जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाओं पर रोक

एजेंसी रिपोर्टों के अनुसार, 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने की व्यवस्था की गई थी। इस कदम का असर मध्य दिल्ली के उन इलाकों में पड़ने की संभावना थी, जो जंतर-मंतर के आसपास स्थित हैं।

सुरक्षा प्रतिबंधों, मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और इंटरनेट सेवाओं पर रोक के चलते राजधानी के मध्य हिस्से में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं।

बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दों से भी जुड़ा आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन केवल चुनाव सुधारों तक सीमित नहीं रहा है। इससे पहले बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर भी यह समूह चर्चा में आया था।

आंदोलन की शुरुआत मई में हुई थी। इसकी पृष्ठभूमि में बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई एक विवादित टिप्पणी बताई जाती है। इसके बाद समूह ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाना शुरू किया और धीरे-धीरे आंदोलन का दायरा बढ़ता गया।

पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने पहले भी जेल जाने के लिए तैयार होने की बात कही थी। आंदोलन से जुड़े लोगों के मुताबिक, दीपके सहित सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है।

जुलाई के प्रदर्शन में पुलिस से हुई थी झड़प

इससे पहले जुलाई में हुए एक बड़े प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं। उस घटना के बाद आंदोलन को व्यापक चर्चा मिली थी। मौजूदा प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए।

फिलहाल, प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में लागू सुरक्षा प्रतिबंधों और हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति पर नजर बनी हुई है। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं की जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है।


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