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वाराणसी में दुर्गापूजा, रामलीला और दशहरा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, नई परंपरा शुरू करने पर रोक



 10/Oct/26

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और डीएम सत्येंद्र कुमार ने पीस कमेटी की बैठक में दिए निर्देश, पंडालों में सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य

वाराणसी। शारदीय नवरात्रि, दुर्गापूजा, रामलीला, भरत मिलाप और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए शुक्रवार को यातायात पुलिस लाइन स्थित सभागार में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न आयोजनों की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में दुर्गापूजा समितियों, रामलीला आयोजकों, संभ्रांत नागरिकों और सिविल डिफेंस के सदस्यों के साथ संवाद किया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगामी पर्वों के दौरान किसी भी नई परंपरा की शुरुआत नहीं होगी। सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम पूर्व निर्धारित परंपराओं, स्वीकृत मार्गों और प्रशासन की ओर से तय व्यवस्था के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आयोजन समितियों के साथ समन्वय बैठक कर समस्याओं का समय से समाधान कराने के निर्देश दिए गए।

दुर्गापूजा पंडालों और रामलीला स्थलों पर रहेगी कड़ी निगरानी

पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने दुर्गापूजा पंडालों, रामलीला मंचन स्थलों और रावण दहन कार्यक्रमों में पर्याप्त बैरिकेडिंग कराने तथा भीड़ के अनुरूप पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। प्रमुख आयोजन स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और वीडियोग्राफी के माध्यम से निगरानी की जाएगी। आयोजकों से भी अपने पंडालों एवं कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की गई।

महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए रामलीला मंचन स्थलों, मेलों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही आयोजकों को पर्याप्त स्वयंसेवक (वालंटियर) तैनात करने और उनका पुलिस सत्यापन समय से कराने के निर्देश दिए गए।

पंडालों में अग्निशमन उपकरण और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था जरूरी

प्रशासन ने दुर्गापूजा पंडालों में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), प्राथमिक उपचार किट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। आयोजकों को कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने कहा कि आयोजन के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाए। हुड़दंग, अराजकता या अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मूर्ति विसर्जन और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर

दुर्गापूजा पंडालों और अन्य धार्मिक आयोजनों के कारण शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए आयोजकों को सड़क और सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण नहीं करने के निर्देश दिए गए। मूर्ति विसर्जन के दौरान जुलूस या वाहनों से पूरी सड़क बाधित नहीं करने तथा निर्धारित मार्ग और समय-सीमा का पालन करने को कहा गया।

डीजे, ढोल-ताशा, गीत-संगीत और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग निर्धारित ध्वनि मानकों एवं समय-सीमा के अनुरूप करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अश्लील, फूहड़ या आपत्तिजनक गाने बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

बैठक में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और आपत्तिजनक सामग्री पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखी जा रही है। माहौल खराब करने के उद्देश्य से अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सभी आयोजकों एवं नागरिकों से दुर्गापूजा, रामलीला, भरत मिलाप और दशहरा पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने पर्वों के सफल आयोजन के लिए पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने और निर्धारित नियमों का पालन करने पर जोर दिया।

बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन राजेश पांडेय, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा, एडीएम सिटी पंकज कुमार सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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