वाराणसी। एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं पीजीआई, वाराणसी के कार्डियोलॉजी विभाग की ओर से हार्ट फेल्योर (हृदय विफलता) के आधुनिक उपचार और क्लिनिकल प्रैक्टिस पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक संवाद आयोजित किया गया। चेयरमैन प्रो. डॉ. एसके सिंह के संरक्षण में आयोजित यह कार्यक्रम VERI 5 Hospital Dialogues – International Speaker Program के अंतर्गत हुआ। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक साक्ष्यों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से हृदय रोगियों की देखभाल को बेहतर बनाना था।
कार्यक्रम में सिंगापुर के नेशनल हार्ट सेंटर के सीनियर कंसल्टेंट एवं कार्डियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. डेविड सिम ने हार्ट फेल्योर के उपचार से जुड़े महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य और अपने क्लिनिकल अनुभव साझा किए। वह नेशनल हार्ट सेंटर, सिंगापुर में हार्ट फेल्योर प्रोग्राम एवं क्लिनिकल ट्रायल्स के निदेशक, हार्ट फेल्योर सोसाइटी ऑफ सिंगापुर के पूर्व अध्यक्ष और VICTORIA ट्रायल के सिंगापुर नेशनल लीड रह चुके हैं।
वैज्ञानिक चर्चा सत्र का संचालन एपेक्स हॉस्पिटल हृदय रोग संस्थान के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अकदस मुमताज ने किया। सत्र में बिगड़ते हार्ट फेल्योर के उपचार में VICTORIA ट्रायल से प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्यों, क्लिनिकल परिणामों और वेरिसिगुआट (Vericiguat) दवा को उपचार में शुरुआती स्तर पर शामिल करने से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई।
इसके अलावा मरीजों में डाययूरेटिक्स दवाओं की बढ़ती आवश्यकता, हार्ट फेल्योर की स्थिति बिगड़ने के संकेतों का आकलन और भारतीय चिकित्सा व्यवस्था में पांच प्रमुख उपचार संबंधी सिफारिशों को नियमित क्लिनिकल प्रैक्टिस में लागू करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
चर्चा में एपेक्स हॉस्पिटल के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन (सीटीवीएस) डॉ. मोहित सक्सेना और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बालाजी वी. लोहिया तथा डॉ. आशीष जायसवाल ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने हार्ट फेल्योर के उपचार से जुड़े विभिन्न चिकित्सकीय पहलुओं पर अपने विचार रखे और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर बेहतर उपचार पद्धतियों को अपनाने के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में एपेक्स हॉस्पिटल के क्रिटिकल केयर चिकित्सकों डॉ. साधना श्रीवास्तव और डॉ. रवि प्रकाश सहित कैथ लैब टेक्नोलॉजिस्ट, सीसीयू क्लिनिकल असिस्टेंट, एमएससी नर्सिंग कार्डियक एवं एमपीटी कार्डियो के विद्यार्थियों और कार्डियोलॉजी टेक्नोलॉजी संकाय के सदस्यों ने सहभागिता की।
इस अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक संवाद के माध्यम से चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और विद्यार्थियों को हार्ट फेल्योर के आधुनिक उपचार, नवीनतम वैज्ञानिक साक्ष्यों और व्यावहारिक चिकित्सा अनुभवों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
संजीव शर्मा
हेड – पीआर, एपेक्स ग्रुप