वाराणसी। देश को क्षय रोग (टीबी) से मुक्त करने के अभियान को गति देने के उद्देश्य से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को JOSH (Joint Squad for Health) Teams का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित सभागार में किया गया।
‘संपूर्ण सरकार और संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण पर आधारित इस पहल में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय मिलकर कार्य कर रहे हैं। प्रथम चरण में देश के 11 राज्यों के 55 जिलों में अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से टीबी उन्मूलन को लेकर जमीनी स्तर पर जन-जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
वाराणसी के सीएमओ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पियूष राय, पंचायती राज विभाग के प्रतिनिधि और एनसीसी कमांडेंट प्रमुख रूप से मौजूद रहे। मुख्य विकास अधिकारी, जनप्रतिनिधियों और जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी अपने-अपने कार्यालयों से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। इस दौरान एनसीसी कैडेट्स और MY Bharat Volunteers ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
JOSH टीम में एक नामित नोडल अधिकारी के नेतृत्व में पांच एनसीसी कैडेट्स और पांच MY Bharat Volunteers शामिल होंगे। ये टीमें गांव, ब्लॉक और वार्ड स्तर पर पहुंचकर टीबी के लक्षणों, निःशुल्क जांच और उपचार के संबंध में लोगों को जागरूक करेंगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह ने कहा कि टीबी उन्मूलन की दिशा में JOSH टीम की शुरुआत महत्वपूर्ण पहल है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से अभियान को गति मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग इस राष्ट्रीय पहल को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पियूष राय ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं की भागीदारी के माध्यम से टीबी को लेकर समाज में फैले भ्रम और कलंक को दूर करना है। वाराणसी में JOSH टीमें स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर समुदाय तक टीबी जागरूकता का संदेश पहुंचाएंगी, ताकि मरीजों की समय पर पहचान हो सके और उन्हें निःशुल्क उपचार के साथ निक्षय पोषण योजना का लाभ मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बाल रोग विशेषज्ञ के परामर्श के अनुसार प्रोटीन पाउडर उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही उपस्थित लोगों ने टीबी मुक्त भारत की शपथ ली। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा वॉलिंटियर्स मौजूद रहे। सभी ने वाराणसी को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक संकल्प लिया।