Banaras Lit Fest 5.0 | चार से सात फरवरी तक ताज गंगेज में जुटेंगे देश-विदेश के साहित्यकार, कलाकार और विचारक, नोबेल व बुकर पुरस्कार विजेताओं की भी रहेगी मौजूदगी
वाराणसी। काशी में अगले वर्ष फरवरी में साहित्य, कला और संस्कृति का बड़ा आयोजन होने जा रहा है। Banaras Lit Fest 5.0 का आयोजन 4 से 7 फरवरी 2027 तक ताज गंगेज, वाराणसी में किया जाएगा। चार दिवसीय आयोजन में देश-विदेश के साहित्यकारों, विचारकों, कलाकारों, शिक्षाविदों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों का जमावड़ा होगा।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार फेस्टिवल में 11 से अधिक भारतीय भाषाओं में 75 से ज्यादा सत्र आयोजित किए जाएंगे। साहित्य और पुस्तकों के साथ कला, संस्कृति, सिनेमा, संगीत और समकालीन विषयों पर भी संवाद होगा।
फेस्टिवल के सबसे बड़े आकर्षणों में अंतरराष्ट्रीय साहित्यकारों की संभावित मौजूदगी रहेगी। आयोजकों ने साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित हान कांग और अब्दुलरज़ाक गुरनाह से संपर्क किया है। दोनों के साथ बातचीत जारी है। वहीं बुकर पुरस्कार से सम्मानित गीतांजलि श्री, डेजी रॉकवेल और बानू मुश्ताक की उपस्थिति भी प्रस्तावित है।
भारतीय साहित्य की प्रमुख हस्तियों में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रतिभा राय के साथ अलका सरावगी, नरेश सक्सेना, निर्मला पुतुल, उदयन वाजपेयी, मधु कांकरिया और संजीव पालिवाल शामिल होंगे।
सिनेमा से पंकज त्रिपाठी और संजय मिश्रा होंगे आकर्षण
साहित्य के साथ सिनेमा और दृश्य कला को भी फेस्टिवल में प्रमुख स्थान दिया गया है। सिनेमा जगत से संजय मिश्रा, पंकज त्रिपाठी और पद्मश्री अनिल रस्तोगी की भागीदारी होगी। चित्रकला के क्षेत्र से सुमित्रा अहलावत, पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल, पद्मश्री बिमान बिहारी दास और पद्मश्री प्रेमजीत बारिया प्रमुख नाम हैं।
खेल जगत से विश्वनाथन आनंद और सुनील छेत्री की मौजूदगी भी फेस्टिवल का आकर्षण होगी। उद्योग और मीडिया जगत से भी कई प्रमुख हस्तियां विभिन्न सत्रों में हिस्सा लेंगी।
न्यायपालिका और सार्वजनिक जीवन के लोगों से भी संवाद
फेस्टिवल में न्यायपालिका, साहित्य और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों की भी सहभागिता होगी। इनमें न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, पवन के. वर्मा, संजीव सान्याल, मनु जोसेफ, विवेक शानभाग, तबिश खैर, मणि राव, शोभा डे और शिवानी सिब्बल सहित अन्य नाम शामिल हैं।
भारतीय भाषाओं की विविधता को सामने लाने के लिए मैथिली, तमिल और उर्दू सहित विभिन्न भाषाओं के साहित्यकार भी फेस्टिवल में भाग लेंगे।
काशी के साहित्य और अकादमिक जगत को भी मिलेगा मंच
फेस्टिवल में बनारस की साहित्यिक और अकादमिक परंपरा को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत चतुर्वेदी और प्रो. अवधेश प्रधान सहित काशी के अन्य साहित्यकार, विद्वान और सांस्कृतिक हस्तियां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी।
BLF Book Awards में उत्कृष्ट लेखन को सम्मान
Banaras Lit Fest के तीसरे BLF Book Awards 2027 में भारतीय साहित्य की उत्कृष्ट कृतियों को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कारों में कथा साहित्य के लिए प्रेमचंद पुरस्कार, गैर-कथा के लिए राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार, कविता के लिए कबीर पुरस्कार और अनुवाद के लिए महादेवी वर्मा पुरस्कार प्रमुख हैं। आधिकारिक BLF जानकारी के अनुसार 2027 के पुरस्कारों में साहित्यिक कृतियों को सम्मानित करने की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है।
Banaras Lit Fest की वेबसाइट के अनुसार यह आयोजन काशी की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा को केंद्र में रखते हुए साहित्यकारों, विचारकों और कलाकारों को एक मंच पर लाता है। पांचवें संस्करण का आयोजन 4 से 7 फरवरी 2027 तक ताज गंगेज में होगा।
फेस्टिवल के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक, सचिव बृजेश सिंह, कोषाध्यक्ष धवल प्रकाश अग्रवाल सहित आयोजन समिति के अन्य पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। समिति में एहसान खान, खालिद अंसारी, अंकित मौर्य, अमित शेवारमानी, डॉ. आशीष कुमार गुप्ता, अनिल ओहरी, कृष्णा मोदी, धर्मेंद्र कुमार, अंशुमान राय, प्रदीप डे, आशुतोष कुमार ठाकुर और डॉ. श्वेता सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।
काशी में 4 फरवरी से Banaras Lit Fest 5.0, नोबेल-बुकर विजेताओं से लेकर पंकज त्रिपाठी तक होंगे शामिल
वाराणसी में 4 से 7 फरवरी 2027 तक Banaras Lit Fest 5.0 का आयोजन होगा। ताज गंगेज में नोबेल-बुकर पुरस्कार विजेताओं, साहित्यकारों, कलाकारों और फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी रहेगी।
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