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सगरा तालाब में सीवर का पानी भरने से श्रद्धालु परेशान, रामलीला स्थल पर प्रशासनिक उपेक्षा का आरोप



 05/Oct/26

रामनगर के सगरा क्षेत्र में 15 वर्षों से गंदे पानी की निकासी का दावा, रामलीला के दौरान श्रद्धालुओं ने तालाब के पानी से आचमन किया

वाराणसी। रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला के मंचीय स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में अव्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। रामपुर वार्ड संख्या 13 के सगरा क्षेत्र में स्थित सगरा तालाब में सीवर का गंदा पानी भरने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले करीब 15 वर्षों से आसपास के घरों का गंदा पानी तालाब में छोड़ा जा रहा है, जिससे तालाब का पानी मलजल में तब्दील हो गया है।

रविवार को आयोजित सगरा पार की रामलीला के दौरान यह स्थिति और गंभीर नजर आई। मान्यता के अनुसार इसी सगरा तालाब से भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता के पार होने की लीला होती है। लीला देखने के लिए वाराणसी समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि लीला के दौरान कई श्रद्धालुओं ने इसी तालाब के पानी से आचमन किया और उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। गंदे पानी की स्थिति देखकर लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए।

पांच साल से नहीं बदली निषादराज स्थल की स्थिति

स्थानीय लोगों के अनुसार, रामलीला के वन गमन प्रसंग से जुड़े क्षेत्र में भी पिछले करीब पांच वर्षों से जलभराव, कीचड़ और दलदल की समस्या बनी हुई है। आरोप है कि समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण इस वर्ष भी सड़क पर ही लीला आयोजित करनी पड़ी।

सगरा तालाब से सटी सड़क की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि पहले सड़क की चौड़ाई करीब 25 फीट से अधिक थी, लेकिन तालाब के पानी के कटाव के कारण इसकी चौड़ाई कम हो गई है। इससे आवागमन में भी परेशानी हो रही है।

सीवर और सड़क निर्माण को लेकर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों ने सगरा, खेदू पहलवान और रत्तापुर क्षेत्रों में सीवर व्यवस्था और सड़कों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से मांग के बावजूद इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

क्षेत्र में भाजपा के पार्षद और कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव के प्रति भी स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकास कार्यों में क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित जनप्रतिनिधियों का पक्ष सामने नहीं आया है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से सगरा तालाब में गिर रहे सीवर के पानी की तत्काल रोकथाम, तालाब की सफाई और क्षेत्र में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि ऐतिहासिक रामलीला स्थल की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा बनी रहे।


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