वाराणसी। एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं पीजीआई, वाराणसी में एपेक्स एकेडमिक एक्टिविटी के तहत वाराणसी ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (वीओए) के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय लाइव स्पाइन सर्जरी कॉन्फ्रेंस का समापन हो गया। ‘प्लानिंग टू एक्जीक्यूशन’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में रीढ़ की जटिल बीमारियों के उपचार, सर्जिकल प्लानिंग और आधुनिक ऑपरेशन तकनीकों पर विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किए। सम्मेलन के दोनों दिनों में कुल सात लाइव सर्जरी सत्र आयोजित हुए।
दूसरे दिन चेयरमैन एवं वरिष्ठ स्पाइन सर्जन प्रो. डॉ. एसके सिंह की अध्यक्षता में एपेक्स के स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. स्वरूप पटेल और डॉ. अमन ववर्म की टीम ने चार लाइव सर्जरी सत्र आयोजित किए। प्रत्येक सत्र से पहले संबंधित मरीज की स्थिति और सर्जिकल प्लानिंग पर चर्चा की गई, जिसके बाद ऑपरेशन की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया गया।
दूसरे दिन लाइव सर्जरी सत्र की शुरुआत वृद्धावस्था में गर्दन की हड्डी की सर्जरी से हुई। डॉ. स्वरूप पटेल ने जटिल सर्वाइकल स्पाइन सर्जरी में नवीनतम दूरबीन विधि और ओ-आर्म निर्देशित तकनीक के उपयोग को प्रदर्शित किया। सत्र का संचालन डॉ. अभिषेक कश्यप ने किया। डॉ. के. श्रीकृष्ण चैतन्य और डॉ. अरविंद जी. कुलकर्णी ने मॉडरेटर के रूप में एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी के विभिन्न चरणों और उपचार संबंधी निर्णयों पर संवाद का मार्गदर्शन किया।
शैक्षणिक सत्र की शुरुआत स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए ‘ब्रेकफास्ट विद एग्जामिनर एवं केस प्रेजेंटेशन’ से हुई। केस प्रस्तुतियों और परीक्षकों के साथ संवाद के माध्यम से प्रशिक्षणरत चिकित्सकों को व्यावहारिक एवं अकादमिक सीखने का अवसर मिला।
ऑस्टियोपोरोसिस और कमजोर रीढ़ से जुड़े सत्र में डॉ. अरविंद जी. कुलकर्णी ने शारीरिक दुर्बलता वाले मरीजों में सर्जरी की आवश्यकता और सर्जिकल रणनीति के चयन पर विचार रखे। डॉ. वरुण खन्ना ने सर्जरी वाले हिस्से के आसपास के स्पाइनल सेगमेंट में भविष्य में समस्या विकसित होने की रोकथाम, उचित तकनीक और मरीज के चयन के महत्व पर चर्चा की। सत्र का संचालन डॉ. शशांक कृष्णन ने किया।
रीढ़ के संक्रमण पर केंद्रित सत्र में प्रो. डॉ. अभिषेक कश्यप ने रीढ़ की टीबी यानी पॉट्स स्पाइन में शुरुआती फिक्सेशन की भूमिका पर जानकारी दी। सत्र का संचालन डॉ. शशांक सिंह ने किया।
वहीं, स्पाइनल फ्रैक्चर से जुड़े सत्र में डॉ. हरप्रीत सिंह ने फ्रैक्चर के जुड़ने के बाद इम्प्लांट निकालने के उचित समय और इसके निर्णय के आधारों पर चर्चा की।
सम्मेलन के समापन अवसर पर एपेक्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. एसके सिंह एवं आईएमएस, बीएचयू के अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अजीत सिंह ने आमंत्रित फैकल्टी को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर आभार व्यक्त किया।
सम्मेलन में मरीज की स्थिति के अनुरूप उपचार, सुविचारित सर्जिकल प्लानिंग और तकनीकों के उचित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। केस आधारित चर्चाओं और लाइव सर्जरी के माध्यम से प्रतिभागियों को रीढ़ की जटिल समस्याओं के उपचार में विशेषज्ञों की निर्णय प्रक्रिया और व्यावहारिक अनुभव को समझने का अवसर मिला।