पूर्वी उत्तर प्रदेश के उभरते उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मेंटर्स, निवेशकों और सफल संस्थापकों से जोड़ने के उद्देश्य से कोटक बिज़लैब्स 3.0 रोडशो का आयोजन वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के प्रबंध अध्ययन संस्थान के अटल इन्क्यूबेशन सेंटर (AIC) में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (FITT) ने कोटक बिज़लैब्स के सहयोग से किया।
कार्यक्रम में नवोदित उद्यमियों के साथ शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और निवेशक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत BHU के संस्थापक भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम में प्रबंध अध्ययन संस्थान, BHU के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेयी, प्रबंध अध्ययन संकाय के डीन प्रो. एसके दुबे, AIC-BHU के निदेशक एवं प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. पीवी राजीव, BHU के पूर्व संयुक्त कुलसचिव एवं AIC के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डॉ. नंद लाल, स्क्रैपशाला की संस्थापक शिखा गुप्ता, FITT-IIT दिल्ली की सीनियर मैनेजर पूजा सिंह और FITT-IIT दिल्ली टीम के साकेत राज मौजूद रहे। ITECH इनोवेशन फाउंडेशन के निदेशक आलोक पांडेय और उनकी टीम से रिंकी परिहार ने भी सहभागिता की।
AIC-BHU के निदेशक प्रो. पीवी राजीव ने स्वागत उद्बोधन दिया। इसके बाद ITECH ग्रुप के संस्थापक निदेशक आलोक पांडेय ने विशेष संबोधन किया, जबकि प्रो. आशीष बाजपेयी ने मुख्य वक्तव्य दिया। कार्यक्रम का संचालन AIC-BHU की मैनेजर डॉ. परीषा मालू ने किया।
रोडशो के दौरान “हौसला एम्पावर्ड” की स्क्रीनिंग के जरिए कोटक बिज़लैब्स के पूर्व बैचों के सफल संस्थापकों की कहानियां प्रदर्शित की गईं। इसके बाद FITT-IIT दिल्ली की पूजा सिंह ने कोटक बिज़लैब्स कार्यक्रम की जानकारी साझा की और संस्थापकों के लिए उपलब्ध अवसरों एवं उपयोगी पहलुओं के बारे में बताया।
स्क्रैपशाला की संस्थापक शिखा गुप्ता ने अपने उद्यमिता सफर और स्टार्टअप के अनुभव साझा किए। इसके बाद एक वेंचर कैपिटलिस्ट ने निवेश और उद्यमिता से जुड़े अपने विचार रखे। इससे प्रतिभागियों को स्टार्टअप निर्माण, व्यवसाय विस्तार और निवेश से जुड़े पहलुओं को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के ओपन हाउस सत्र में उद्यमियों ने पूजा सिंह, शिखा गुप्ता और आलोक पांडेय से सीधे सवाल किए। प्रतिभागियों ने अपने उत्पादों और बिजनेस मॉडल से संबंधित जानकारी साझा करते हुए विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त किए।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. नंद लाल ने समापन उद्बोधन और धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके बाद नेटवर्किंग एवं हाई टी का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों, विशेषज्ञों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने आपस में संवाद किया।