सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की ओर से सनबीम लहरतारा में 'फ्यूचर-रेडी' विद्यार्थियों को केंद्र में रखते हुए विशेष व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया। इसमें बॉस्टन यूनिवर्सिटी के व्हीलॉक कॉलेज ऑफ एजुकेशन एंड ह्यूमन डेवलपमेंट में काउंसलिंग साइकोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. वी. स्कॉट एच. सोलबर्ग ने स्कूल लीडर्स, वरिष्ठ शिक्षकों और करियर काउंसलर्स को संबोधित किया।
सत्र में करियर के बदलते स्वरूप, काम की बदलती दुनिया और भविष्य की अनिश्चितताओं के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. सोलबर्ग ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक करियर विकल्पों तक सीमित रखने के बजाय उनकी रुचियों, प्राथमिकताओं और क्षमताओं को समझकर भविष्य के लिए तैयार करने पर जोर दिया।
डॉ. सोलबर्ग ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए 'फ्यूचर-रेडी' होने का अर्थ केवल किसी एक करियर को चुनना नहीं है, बल्कि बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार करना भी है। उन्होंने आत्ममंथन, रुचियों और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के आधार पर करियर की पहचान करने और वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की आकांक्षाओं के बीच के अंतर को समझने की जरूरत बताई।
उन्होंने विद्यार्थियों के समग्र विकास में करुणा, सहानुभूति, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और मानवीयता जैसे कौशलों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया। उनके अनुसार बदलती कार्य संस्कृति में ये मानवीय गुण विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
व्याख्यान सत्र के अलावा डॉ. स्कॉट एच. सोलबर्ग ने विद्यार्थियों के साथ भी संवाद किया। विद्यार्थियों ने उनसे अपने करियर और भविष्य से जुड़े सवाल पूछे, जिनका उन्होंने जवाब देते हुए उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे की दिशा तय करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर सनबीम शिक्षण समूह की निदेशिका अमृता बर्मन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग को महत्वपूर्ण बताया।
समूह के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक ने कहा कि ऐसा सत्र विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी उपयोगी है। उन्होंने शिक्षकों को नई और समकालीन तकनीकों की जानकारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
समूह की उपाध्यक्ष भारती मधोक ने कहा कि सनबीम शिक्षण समूह विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयास करता रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सत्र विद्यार्थियों को बदलते समय की जरूरतों को समझने में मदद करेंगे।
कार्यक्रम में वाराणसी और पूर्वांचल के विभिन्न शहरों में स्थित सनबीम विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाचार्या और स्कूल लीडर्स उपस्थित रहे। सत्र के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों को बदलते करियर परिदृश्य, व्यक्तिगत क्षमताओं और भविष्य की आवश्यकताओं को समझने के लिए नए दृष्टिकोण मिले।