वाराणसी। पुलिस विभाग और पीरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कमिश्नरेट वाराणसी के मिशन शक्ति केंद्रों में नियुक्त पुलिसकर्मियों के लिए दो दिवसीय कॉग्निटिवली बेस्ड कम्पैशन ट्रेनिंग (सीबीसीटी) कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कमिश्नरेट के विभिन्न थानों के मिशन शक्ति केंद्रों में तैनात करीब 200 पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और संवेदनशील पुलिसिंग को मजबूत करना रहा।
कार्यशाला में तनाव प्रबंधन, आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन, करुणा, सहानुभूति और प्रभावी संवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। स्टेबिलिटी एंड मेडिटेशन सत्र के दौरान प्रतिभागियों को मन को शांत रखने, एकाग्रता बढ़ाने और तनावपूर्ण परिस्थितियों में स्वयं को स्थिर रखने के लिए विभिन्न अभ्यास कराए गए।
सीबीसीटी के विभिन्न मॉड्यूल के माध्यम से भावनाओं की पहचान एवं नियंत्रण, तनाव प्रबंधन, सहानुभूति, करुणा और संवेदनशील व्यवहार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण को केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि समूह चर्चा, गतिविधि आधारित अभ्यास, अनुभव साझा करने और ध्यान अभ्यास के माध्यम से सहभागितापूर्ण बनाया गया।
प्रतिभागियों ने अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव साझा किए और तनावपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया देने के साथ नागरिकों के प्रति सकारात्मक एवं मानवीय व्यवहार को लेकर चर्चा की। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि व्यक्तिगत जीवन और कार्यक्षेत्र में भावनात्मक संतुलन बेहतर कार्यक्षमता में सहायक हो सकता है। कठिन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया देने से पहले अपनी भावनात्मक स्थिति को समझना और नियंत्रित करना प्रभावी पुलिसिंग के लिए महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को तनाव कम करने के उपायों से परिचित कराने के साथ उन्हें मानसिक रूप से अधिक सुदृढ़, भावनात्मक रूप से संतुलित और समाज के प्रति संवेदनशील बनाने में सहयोग करना रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिसकर्मियों को तनावपूर्ण परिस्थितियों से धैर्य और संवेदनशीलता के साथ निपटने तथा नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने में सहयोग मिलने की बात कही गई।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि सीबीसीटी के माध्यम से तनावपूर्ण परिस्थितियों में स्वयं को संभालने, भावनाओं को समझने और नागरिकों के साथ अधिक सकारात्मक एवं मानवीय व्यवहार करने की सीख मिली।
कार्यशाला में प्रशिक्षण के फैसिलिटेटर एवं सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह, तृप्ति मिश्रा, सीमा चक्रवर्ती और ऐमन शाहीन की सक्रिय सहभागिता रही।