वाराणसी। भदैनी क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गौरा माई तालाब को अवैध कब्जे और राजस्व अभिलेखों में कथित हेरफेर से मुक्त कराकर नगर निगम ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। उपजिलाधिकारी (सदर) की अदालत के आदेश के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर तालाब की करीब 2.2 एकड़ भूमि का सीमांकन कराया और सरकारी संपत्ति का बोर्ड लगाकर कब्जा लिया। इसके साथ ही तालाब की सफाई का कार्य भी शुरू करा दिया गया।
राजस्व अभिलेखों के अनुसार भदैनी स्थित आराजी संख्या 2317 में 2.2 एकड़ क्षेत्रफल में फैला यह ऐतिहासिक जलनिकाय ‘ताल मशहूर गौरामाई’ के नाम से दर्ज था। नगर निगम के अनुसार कुछ लोगों ने राजस्व अभिलेखों में हेरफेर और कथित फर्जी बैनामों के माध्यम से सार्वजनिक जलनिकाय पर अपने नाम दर्ज करा लिए थे। मामले में निगम के राजस्व विभाग की आख्या और पत्राचार के आधार पर उपजिलाधिकारी (सदर) की अदालत में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 31/32 के तहत वाद दर्ज किया गया था।
उपजिलाधिकारी (सदर) नितिन सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान 1291 फसली के मूल बंदोबस्ती खसरा-खतौनी सहित उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण किया। नगर निगम के अनुसार अदालत ने 14 सितंबर 2026 को दिए आदेश में अवैध खातेदारों और काश्तकारों के नाम निरस्त करते हुए भूमि को 1291 फसली के आधार पर श्रेणी 6(1) जलमग्न भूमि ‘ताल मशहूर गौरामाई’ के रूप में दर्ज करने और राजस्व अभिलेखों को दुरुस्त करने का आदेश दिया।
आदेश के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर नगर निगम की टीम भदैनी पहुंची। संयुक्त नगर आयुक्त एवं जोनल अधिकारी कृष्ण चंद्र, सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, नायब तहसीलदार शेषनाथ यादव और प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी संदीप भार्गव के नेतृत्व में प्रवर्तन दल और निगम की विशेष टीम ने मौके पर नापी और सीमांकन की कार्रवाई की। इसके बाद सरकारी संपत्ति का बोर्ड स्थापित कर तालाब पर नगर निगम का कब्जा दर्ज कराया गया।
नगर निगम ने बताया कि तालाब की सफाई का कार्य भी शुरू करा दिया गया है। सहायक नगर आयुक्त ने कहा कि शहर के ताल-पोखरों और सार्वजनिक जमीनों का संरक्षण नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि एसडीएम सदर के आदेश के अनुपालन में गौरा माई तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।
नगर निगम ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक संपत्ति पर दोबारा अतिक्रमण या निर्माण का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर के अन्य स्थानों पर स्थित सार्वजनिक तालाबों और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान भी जारी रहेगा।