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अधिवक्ता अनुज यादव की पैरवी में दुष्कर्म मामले में आरोपित राहुल गिरी दोषमुक्त



 30/Sep/26

वाराणसी। दिमागी रूप से बीमार नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपित को अदालत से राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नितिन पाण्डेय की अदालत ने प्रितम छपरा, बलिया निवासी राहुल गिरी को आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामले में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव ‘गुड्डू’ और नरेश यादव ने पैरवी की।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता के पिता ने जैतपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 10 अप्रैल 2023 को उनकी 12 वर्षीय बेटी बाजार में आवश्यक सामान खरीदने गई थी। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और सगे-संबंधियों से भी पूछताछ की, लेकिन उसका पता नहीं चला। प्राथमिकी में बताया गया था कि नाबालिग की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज भी चल रहा है।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान राहुल गिरी का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि पीड़िता ने अपने बयान में बताया था कि उसके चाचा उसके साथ मारपीट करते थे, जिसके चलते वह स्वयं घर छोड़कर गोरखपुर चली गई थी। वहीं उसकी मुलाकात राहुल गिरी से हुई थी।

विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से पीड़िता समेत कुल पांच गवाहों को अदालत में परीक्षित कराया गया। अदालत ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोप सिद्ध न होने पर राहुल गिरी को दोषमुक्त कर दिया।


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