लखनऊ। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने ‘ऑपरेशन आहट’ के तहत कार्रवाई करते हुए पांच नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी और बाल श्रम के मामले से सुरक्षित बरामद किया। टीम ने बच्चों को अपने साथ ले जा रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
24 सितंबर 2026 को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ट्रेन संख्या 15568 में अयोध्या कैंट से लखनऊ के बीच चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एस-5 कोच में पांच नाबालिग लड़के दिखाई दिए। संदेह होने पर टीम ने बच्चों से पूछताछ की। बच्चों ने बताया कि उन्हें एक व्यक्ति कटिहार, बिहार से अहमदाबाद, गुजरात ले जा रहा था। वहां उनसे बिजली के तार से संबंधित काम कराया जाना था।
प्राथमिक पूछताछ में मामला बाल श्रम और मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत होने पर टीम ने बच्चों के साथ मौजूद व्यक्ति को ट्रेन से उतारकर पूछताछ की। उसने अपना नाम जहांगीर आलम, पुत्र तजीबुर रहमान, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम रंगाईपुर, पोस्ट बी. दौलतपुर, थाना हरिश्चंद्रपुर, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल बताया।
पूछताछ में सामने आया कि बच्चों के माता-पिता को अग्रिम भुगतान और अधिक पैसे का लालच देकर उन्हें मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। इसके बाद पांचों नाबालिग बच्चों को आवश्यक संरक्षण और सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं आरोपी को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट, लखनऊ की निगरानी में रखा गया।
मामले में 25 सितंबर 2026 को थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT), डालीगंज, लखनऊ में लिखित तहरीर दी गई। इसके आधार पर अभियुक्त जहांगीर के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 06/2025, धारा 143(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। 26 सितंबर को अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की ओर से नाबालिग बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी की रोकथाम के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार निगरानी एवं अभियान चलाए जा रहे हैं। रेलवे ने यात्रियों और आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नाबालिग बच्चों की संदिग्ध आवाजाही की जानकारी तत्काल रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन को दें।