वाराणसी। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और बिलिंग से जुड़ी समस्याओं को लेकर पूर्वांचल विद्युत वितरण लिमिटेड के अधिकारियों और उद्यमियों की बैठक हुई। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य अभियंता प्रवेश कुमार, अधीक्षण अभियंता लोकेश चंद्रा, अधिशासी अभियंता सुनील यादव, आशीष कुमार, अधिशासी अभियंता मीटर शिवकुमार सहित सभी उपखंड अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में उद्यमियों ने बिजली आपूर्ति, मीटर, बिलिंग, सोलर यूनिट समायोजन, सिक्योरिटी राशि पर ब्याज, बिजली ट्रिपिंग और विद्युत ढांचे से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
उद्यमी विजय सिंह ने बताया कि मीटर में फेस मिसिंग होने के कारण विभाग की ओर से गलत असेसमेंट किया गया, जिससे करीब दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इस पर मुख्य अभियंता प्रवेश कुमार ने मामले को तत्काल समाप्त करने का आश्वासन दिया।
केशव करवा ने बताया कि उनके सोलर प्लांट की करीब 46 हजार यूनिट का बिजली बिल में समायोजन नहीं किया गया है। कई महीनों से विभाग के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। मिथिला इंडस्ट्री के अशोक सुलतानिया ने सिक्योरिटी राशि पर ब्याज नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान में सिक्योरिटी राशि 3500 रुपये प्रति किलोवाट किए जाने से उद्यमियों को बड़ी धनराशि विभाग के पास जमा करनी पड़ रही है।
संगरीला कलर कोटिंग के सुजीत कुमार सुमन ने बताया कि पिछले एक वर्ष से उन्हें बिजली का बिल नहीं मिला है। साथ ही पुराने उपभोक्ता का नाम हटाकर उनका नाम भी अब तक दर्ज नहीं किया गया है। सिमरन फूड्स के स्वामी ने पिछले छह महीने से खराब सीटी-पीटी नहीं बदले जाने की शिकायत की।
अक्षत रोलर के उद्यमी ने बताया कि उनके यहां 1600 केवीए का कनेक्शन है, लेकिन प्रतिदिन करीब पांच बार बिजली ट्रिपिंग होने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। वहीं विजय केशरी ने फैक्ट्री के सामने झुके विद्युत पोल और ढीले तारों की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि कई महीनों से विभाग को जानकारी देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
ब्रिजलेक्स इंजीनियरिंग के उद्यमी ने दो माह से बिजली बिल नहीं आने की शिकायत की। वहीं सुरेश खंडेलवाल ने बताया कि नया मीटर लगने के बाद से अब तक उन्हें बिजली का बिल नहीं मिला है।
रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष देव भट्टाचार्य ने दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था मजबूत करने के लिए 11 हजार वोल्ट के फीडर बढ़ाने की मांग की। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में 400 केवीए क्षमता के पांच अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने तथा 33 हजार वोल्ट की अलीनगर लाइन को आइसोलेटर के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र से टैपिंग करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उद्यमियों की समस्याएं सुनने के बाद मुख्य अभियंता प्रवेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य अभियंता ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र से विभाग को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होता है, इसलिए उद्यमियों की बिजली संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान जरूरी है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं की समीक्षा के लिए हर माह बैठक आयोजित करने की बात कही।
बैठक में चंद्रेश्वर जायसवाल, पंकज बिजलानी, अशोक सुलतानिया, सौरभ शाह, अनूप साहू, आशीष गुप्ता, त्रिभुवन सिंह, सिद्धार्थ बाजला, मनोज तिवारी, अरविंद सिंह, अरुण वर्मा, अमित गुप्ता, उत्तम कुमार, शरद अग्रसेन, विजय सिंह, केशव यादव, शोहेब अहमद, नितेश सिंह, शिवा पूजन जायसवाल सहित सैकड़ों उद्यमी उपस्थित रहे।