पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाने के बाहर पत्रकारों का करीब चार घंटे धरना, बारिश के बीच अर्धनग्न प्रदर्शन; सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग, विपक्षी नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर जताया समर्थन
वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना परिसर में एक पत्रकार के साथ कथित अभद्रता के मामले को लेकर पत्रकारों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कार्रवाई नहीं होने से नाराज पत्रकार थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। लगातार बारिश के बीच जब उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकारों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
पत्रकारों का आरोप है कि मामले में शामिल बताए जा रहे सिपाही रोहनिया थाने से संबंधित हैं। पत्रकारों ने सवाल उठाया कि आखिर सिपाही किस कार्य से लालपुर-पांडेयपुर थाने पहुंचे थे। पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, थाने और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पत्रकारों ने मामले की जानकारी लालपुर-पांडेयपुर थाना प्रभारी और एसीपी को दी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं होने से नाराज पत्रकार थाना परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते धरने में पत्रकारों की संख्या बढ़ती गई। लगातार बारिश के बावजूद पत्रकार अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।
करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों का आक्रोश उस समय और बढ़ गया जब बारिश के बीच उन्होंने अर्धनग्न होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों से भी तत्काल हस्तक्षेप की मांग
इस पूरे मामले में वाराणसी प्रेस क्लब की ओर से सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों से भी तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। प्रेस क्लब का कहना है कि वाराणसी शहर में भाजपा के कई जनप्रतिनिधि हैं, जिनमें एक एमएलसी स्वयं पत्रकार रह चुके हैं, जबकि शहर से चार मंत्री भी सरकार में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इन सभी से मांग की गई है कि वे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पत्रकार को न्याय दिलाने की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।
वाराणसी प्रेस क्लब की ओर से मांग की गई है कि 24 से 48 घंटे के भीतर पूरे मामले की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच हो कि रोहनिया थाने से संबंधित सिपाही लालपुर-पांडेयपुर थाने किस कारण और किसके निर्देश पर पहुंचा था।
प्रेस क्लब का कहना है कि पत्रकारों की समस्या पर सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की ओर से अपेक्षित स्तर पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, जबकि विरोधी दलों के नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर पत्रकारों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई।
मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी पत्रकारों के मामले को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरा। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे पत्रकारों के धरने में शामिल हुए और समर्थन दिया। समाजवादी पार्टी की ओर से जीशान अंसारी भी धरना स्थल पर पहुंचे।
वाराणसी प्रेस क्लब ने जताई कड़ी नाराजगी
पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता के मामले में वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश गुप्ता और महामंत्री अशोक मिश्र "क्लाउन" ने कड़ी नाराजगी जताई है। प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की।
उन्होंने मांग की कि घटना से संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित कर उनकी जांच कराई जाए, संबंधित सिपाही का मेडिकल परीक्षण कराया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि रोहनिया थाने से संबंधित सिपाही लालपुर-पांडेयपुर थाने किस अधिकारी के निर्देश पर और किस कार्य से पहुंचा था।
प्रेस क्लब ने 48 घंटे के भीतर जांच पूरी कर दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है।
विपक्षी दलों के नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर जताया समर्थन
जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, पत्रकारों की संख्या भी बढ़ती गई। दूसरी ओर राजनीतिक दलों के नेताओं का समर्थन भी सामने आया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर पत्रकारों की मांगों का समर्थन किया और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
एसीपी प्रज्ञा पाठक के पहुंचने के बाद बनी सहमति
मामले को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच एसीपी प्रज्ञा पाठक मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पत्रकारों की मांगों को सुना और मामले की जांच का आश्वासन दिया। एसीपी ने संबंधित सिपाही का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ यह जांच कराने की बात कही कि रोहनिया थाने से संबंधित सिपाही लालपुर-पांडेयपुर थाने किस कारण और किस कार्य से पहुंचा था।
इसके साथ ही CCTV फुटेज की जांच कर पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाने का आश्वासन दिया गया। पुलिस अधिकारी के आश्वासन के बाद पत्रकारों ने "पत्रकार एकता जिंदाबाद" के नारे लगाए और धरना समाप्त किया।
अब निगाहें पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर हैं। वाराणसी प्रेस क्लब ने 24 से 48 घंटे के भीतर जांच पूरी कर दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
लालपुर-पांडेयपुर थाने में पत्रकार से अभद्रता, प्रेस क्लब का कड़ा आक्रोश
लालपुर-पांडेयपुर थाने में पत्रकार से कथित अभद्रता के मामले में पत्रकारों का चार घंटे धरना। एसीपी प्रज्ञा पाठक ने जांच, मेडिकल परीक्षण और CCTV फुटेज की जांच का आश्वासन दिया।
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लालपुर-पांडेयपुर थाने में पत्रकार से कथित अभद्रता के मामले में पत्रकारों ने करीब चार घंटे धरना दिया। बारिश के बीच अर्धनग्न प्रदर्शन के बाद एसीपी प्रज्ञा पाठक ने जांच, मेडिकल परीक्षण और CCTV फुटेज की जांच का आश्वासन दिया।
लालपुर-पांडेयपुर थाने में पत्रकार से कथित अभद्रता, वाराणसी प्रेस क्लब का कड़ा आक्रोश
लालपुर-पांडेयपुर थाने में पत्रकार से कथित अभद्रता के मामले में पत्रकारों का करीब चार घंटे धरना। बारिश के बीच अर्धनग्न प्रदर्शन के बाद एसीपी प्रज्ञा पाठक ने जांच का आश्वासन दिया। वाराणसी प्रेस क्लब ने 24 से 48 घंटे में जांच पूरी कर कार्रवाई की मांग की।