उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और प्रमुख सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग अनिल गर्ग ने सोमवार को मीरजापुर, सोनभद्र, चंदौली एवं प्रयागराज में स्थित बांधों, बंधियों और जलाशयों से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मुख्य अभियंता (सोन) संगठन, वाराणसी के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए बांधों की क्षमता बढ़ाने और भूगर्भ जल रिचार्ज के आवश्यक उपाय सुनिश्चित किए जाएं। जिन बांधों एवं जलाशयों में डी-सिल्टिंग की आवश्यकता है, उनकी परियोजनाएं तत्काल तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री ने डूब क्षेत्र में आने वाली जमीनों का सर्वेक्षण कराने और आवश्यकता के अनुसार खारिज-दाखिल की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, सोनभद्र में जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर डीएमएफ फंड से बांधों के अनुरक्षण कार्य कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बांधों के पुनर्स्थापना कार्यों के लिए परियोजनाएं तैयार करने तथा बांध सुरक्षा अधिनियम के प्रोटोकॉल के अनुरूप निर्धारित सीमा में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बांधों एवं जलाशयों से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही किसानों और आमजन को योजनाओं एवं जल संसाधनों का अपेक्षित लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।