निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने अपराध नियंत्रण के साथ प्रभावी जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों के कल्याण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, थानों की मेस व्यवस्था, साफ-सफाई और पुलिसकर्मियों के लिए मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने सर्किल कैंट और रोहनिया के थानों की कालबाधित विवेचनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रत्येक प्रकरण में गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य जुटाने, समयबद्ध कार्रवाई और प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए।
कमिश्नरेट में चल रही थाना गोद लेने की पहल के तहत अधिकारियों को संबंधित थानों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। इसमें अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों के कल्याण के साथ-साथ सामने आने वाली कमियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने पुलिसकर्मियों से साइबर सुरक्षा और विभिन्न तकनीकी संसाधनों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने प्रतिबिम्ब एप, सीसीटीएनएस, आरटीसी, जेडएफडी, फॉरेंसिक जांच, साक्ष्य संकलन, सीडीआर और आईपीडीआर से संबंधित जानकारी लेते हुए पुलिसकर्मियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए।
महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस आयुक्त ने मिशन शक्ति केंद्र पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को विद्यालयों, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं की समस्याओं को जानने और उन्हें 1090, 112 तथा 1930 हेल्पलाइन के बारे में जानकारी देने को कहा।
पुलिस आयुक्त ने महिला पुलिसकर्मियों को शिक्षण संस्थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और उनके क्रियाशील होने की नियमित जांच करने को कहा। यदि कहीं सीसीटीवी व्यवस्था में कमी पाई जाती है तो संबंधित संस्थान को नोटिस देने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही शोहदों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।
मिशन शक्ति केंद्र की महिला पुलिसकर्मियों को प्रतिदिन फील्ड में रहकर गश्त, चेकिंग और जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए। उन्हें महिलाओं और छात्राओं से नियमित संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी लेने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस आयुक्त ने नए रिक्रूट आरक्षियों से पुलिसिंग और तकनीकी विषयों की जानकारी ली। उन्होंने उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए साप्ताहिक मूल्यांकन कराने और सभी आरक्षियों को बीट आवंटित करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र में पुलिसिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
जनसुनवाई में तैनात पुलिसकर्मियों को आगंतुकों के साथ सौम्य और सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनके प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही सकारात्मक फीडबैक के साथ जनसुनवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों, थानाध्यक्षों और हल्का प्रभारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। अतिक्रमण हटाने, जाम की स्थिति रोकने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।
पुलिस आयुक्त ने थानों में पुलिसकर्मियों के लिए मेस की व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मेस में स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ पुलिसकर्मियों की मूलभूत आवश्यकताओं का नियमित रूप से ध्यान रखने को कहा।
थाना परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और आगंतुकों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। महिलाओं के लिए अलग से दो शौचालय उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि थाने आने वाले लोगों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन लिपि नागयाच सहित संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।