चंदौली। आरक्षण नीति, एससी/एसटी एक्ट और यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सोमवार को सवर्ण आर्मी और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने चंदौली कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सीधे जिलाधिकारी को सौंपने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रदर्शन के दौरान सवर्ण आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदेश सचिव रत्नेश पाठक ने कहा कि केंद्र सरकार सवर्ण समाज की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यूजीसी एक्ट के प्रावधानों को लेकर नाराजगी जताते हुए सरकार से इस पर पुनर्विचार करने और संबंधित प्रावधानों को वापस लेने की मांग की।
क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि आरक्षण जाति के आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक आधार पर होना चाहिए। उनके अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर सभी परिवारों को शिक्षा और रोजगार में आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने जातिगत आरक्षण व्यवस्था को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने, एससी/एसटी एक्ट को निरस्त करने, यूजीसी के नए रेग्युलेशन को वापस लेने और राष्ट्रीय सवर्ण आयोग के गठन की मांग उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था के कारण समाज के योग्य और मेधावी युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो संगठन बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान अपर जिलाधिकारी (एडीएम) समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। एडीएम जब ज्ञापन लेने पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे और कलेक्ट्रेट परिसर में धरना जारी रखा।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।
काफी देर तक चले धरने के बाद जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित अपना मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। जिलाधिकारी द्वारा ज्ञापन लेने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और धरना समाप्त कर दिया।
अखिलेश सिंह शांडिल्य ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के हित में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने सरकार से संगठनों की मांगों पर उचित समाधान निकालने की अपील की।
प्रदर्शन में राकेश तिवारी, शैलेश तिवारी, सोनू सिंह, गौ प्रेमी परमानंद तिवारी, बृजेश पाण्डेय, कृष्णानंद तिवारी, विनोद मिश्रा, शिवम सिंह, जसवंत सिंह, दिलीप पाण्डेय, सोनू तिवारी, अखिलेश सिंह शांडिल्य, दीपक तिवारी और गायत्री तिवारी समेत बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट: हरिशंकर तिवारी