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69.21 करोड़ से संवरेगी काशी की विरासत, 119 पार्कों का 48 करोड़ से होगा कायाकल्प



 08/Sep/26

सारनाथ और मैदागिन में बनेंगे आधुनिक फूड स्ट्रीट हब, ठठेरी गली से काल भैरव मंदिर और गोदौलिया-मैदागिन मार्ग को मिलेगा हेरिटेज लुक

वाराणसी। काशी के शहरी ढांचे को आधुनिक बनाने और इसकी समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में सोमवार को बड़ा कदम उठाया गया। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मद से वाराणसी में 69.21 करोड़ रुपये से अधिक की दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इन परियोजनाओं के तहत 48 करोड़ रुपये की लागत से शहर के 119 सार्वजनिक पार्कों का पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही सारनाथ और मैदागिन में आधुनिक फूड स्ट्रीट हब विकसित किए जाएंगे। वहीं, 21.21 करोड़ रुपये की लागत से शहर के प्रमुख ऐतिहासिक मार्गों और विरासत गलियों का कायाकल्प किया जाएगा।

महापौर, मंडलायुक्त और बीपीसीएल सीएमडी की मौजूदगी में हुआ एमओयू

ताज होटल में आयोजित समारोह में महापौर अशोक कुमार तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और बीपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना की मौजूदगी में दोनों परियोजनाओं के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशक (एचआरएस) डी. पार्थसारथी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा, काशी इंटीग्रेटेड पार्किंग एंड रिक्रिएशनल फाउंडेशन (केआईपीआरएफ) के निदेशक अमरेंद्र तिवारी समेत बीपीसीएल और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

119 पार्कों में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं

पहले एमओयू के तहत बीपीसीएल 48 करोड़ रुपये का सीएसआर योगदान देगा। इस राशि से वाराणसी के 119 सार्वजनिक उद्यानों का पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

पार्कों में लैंडस्केपिंग, पैदल चलने के लिए वॉकिंग पाथवे, ओपन जिम, बच्चों के खेल उपकरण, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और बेहतर बागवानी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक और मनोरंजन स्थलों की सुविधा मिलेगी।

सारनाथ और मैदागिन में बनेंगे आधुनिक फूड स्ट्रीट हब

इसी परियोजना के तहत सारनाथ और मैदागिन में दो आधुनिक फूड स्ट्रीट हब विकसित किए जाएंगे। यहां व्यवस्थित वेंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जल एवं स्वच्छता की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

फूड स्ट्रीट में सीसीटीवी निगरानी, सौर प्रकाश व्यवस्था और आगंतुकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना को बीपीसीएल, केआईपीआरएफ और वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड (वीएससीएल) की संयुक्त साझेदारी से कार्यान्वित किया जाएगा।

21.21 करोड़ से संवारे जाएंगे ऐतिहासिक मार्ग

दूसरे एमओयू के तहत बीपीसीएल और वाराणसी विकास प्राधिकरण के बीच 21.21 करोड़ रुपये का करार हुआ है। इसके तहत शहर के प्रमुख ऐतिहासिक मार्गों और विरासत गलियों का कायाकल्प किया जाएगा।

प्रमुख कार्यों में—

  • ठठेरी हेरिटेज गली से काल भैरव मंदिर तक विरासत गलियारे का विकास।

  • गोदौलिया चौराहा से मैदागिन चौराहा तक भवनों के अग्रभाग (फसाद) का सौंदर्यीकरण।

  • मणिकर्णिका घाट से मणिकर्णिकेश्वर मंदिर की ओर जाने वाली गली का पुनर्विकास।

इन क्षेत्रों में विरासत के अनुरूप सड़क निर्माण, पत्थरों की पक्की सड़क, भवनों के अग्रभाग का नवीनीकरण, हेरिटेज लाइट, साइनबोर्ड, स्ट्रीट फर्नीचर, भित्ति चित्र, सार्वजनिक कला और पैदल यात्रियों के अनुकूल बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा।

पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा

इन दोनों परियोजनाओं को 36 महीने की अवधि में पूरा किए जाने का लक्ष्य है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी में नागरिक सुविधाओं, शहरी सौंदर्य, पर्यावरणीय स्थिरता और विरासत पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पार्कों के कायाकल्प से स्थानीय लोगों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी, जबकि आधुनिक फूड स्ट्रीट और विरासत गलियारों के विकास से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। साथ ही स्थानीय विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे।


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