वाराणसी। शहर में जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए नगर निगम अब नालों, सीवर और तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए 15 दिन का विशेष अभियान चलाएगा। सोमवार को मैदागिन स्थित टाउनहॉल में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम सदन के साधारण अधिवेशन में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
नगर निगम की ओर से फरवरी से ही नाले और सीवर की सफाई का अभियान चलाए जाने के बावजूद खोजवा क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति सामने आने पर महापौर ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के जेई, एई और एक्सईएन के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) दिए जाने की संस्तुति की। अधिकारियों को जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1959 की धारा 91(2) के तहत पार्षद मदन मोहन दूबे ने नवसृजित रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के छह वार्डों में नालों और तालाबों पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के कारण क्षेत्र में भीषण जलभराव हो रहा है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने नालों और तालाबों को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की। सदन ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को बताया कि नवसृजित वार्डों में व्यवस्थित सीवर लाइन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसे देखते हुए रोहनिया और शिवपुर विधानसभा क्षेत्र के करीब 15 वार्डों में सीवर और पेयजल की नई पाइपलाइन बिछाने का विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि शहर के 22 पुराने वार्डों में करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत से सीवर और पेयजल की नई पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। बारिश के कारण फिलहाल तीन वार्डों में ही काम जारी है। बारिश थमते ही शेष वार्डों में भी तेजी से काम शुरू कराया जाएगा।
सदन में बनारसी साड़ी उद्योग को देश-विदेश के बाजारों में बढ़ावा देने और स्थानीय बुनकरों व व्यापारियों को आर्थिक संबल देने के लिए विशेष योजना तैयार करने पर चर्चा हुई। कैंट स्थित मालगोदाम में करीब 140 करोड़ रुपये की लागत से नमो साड़ी उद्योग केंद्र स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को सदन से हरी झंडी मिल गई।
नगर निगम सदन ने जलकल परिसर की 5,400 वर्गमीटर भूमि पर अत्याधुनिक नक्षत्रशाला स्थापित करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने पर सहमति जताई। इसके निर्माण से काशी के बच्चों, युवाओं और शहरवासियों को खगोलीय विज्ञान की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
नक्षत्रशाला वाराणसी में एक नए शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित होगी।
सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर निर्माण सामग्री फैलाने की समस्या को लेकर भी सदन में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। निर्माण कार्य के दौरान सड़कों और गलियों में गिट्टी-बालू रखने के लिए नई उपविधि तैयार करने पर निर्णय लिया गया।
सड़कों पर गिट्टी-बालू बेचने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं भवन निर्माण के लिए सड़क या गली में 48 घंटे से अधिक समय तक गिट्टी-बालू रखने पर संबंधित भवन स्वामी पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया।
परमानंदपुर स्थित रैन बसेरा को श्री सद्गुरु सेवा संघ को नेत्र चिकित्सालय के लिए आवंटित करने के प्रस्ताव को सदन ने मंजूरी दे दी। बताया गया कि यहां संचालित होने वाला चिकित्सालय पूरी तरह नि:शुल्क होगा।
पार्षद राजकपूर चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में शहर में लगाई गई एलईडी, स्ट्रीट लाइट, सोलर लाइट, हाई मास्ट और सीसीएमएस कार्यों का लेखा-जोखा और भुगतान विवरण सदन में रखने का प्रस्ताव दिया।
उन्होंने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनी की जांच रिपोर्ट, जारी कारण बताओ नोटिस और नए टेंडर की स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की।
पार्षद राजेश कन्नौजिया ने ग्राम सभा से नगर निगम में शामिल हुए क्षेत्रों में परिवार रजिस्टर की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोग परिवार रजिस्टर के लिए ब्लॉक और नगर निगम के बीच चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर निगम में परिवार रजिस्टर का कोई प्रावधान नहीं है, फिर भी ब्लॉक से परिवार रजिस्टर मंगाने का प्रयास किया जाएगा।
पार्षद हनुमान प्रसाद ने नवशहरी क्षेत्रों, विशेषकर मौजा सलारपुर में सरकारी भूमि पर भू-माफियाओं के कब्जे का मामला उठाया। उन्होंने सदर और नगर निगम की संयुक्त टीम गठित कर सरकारी जमीनों पर सूचना बोर्ड लगाने की मांग की।
उन्होंने बंद पड़े और क्षतिग्रस्त मिनी हाई मास्ट लाइटों की मरम्मत कराने का भी प्रस्ताव रखा। महापौर ने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।
पार्षद गोविंद प्रसाद सिंह ने पीडब्ल्यूडी, मंडी समिति और जिला पंचायत की जर्जर सड़कों का सर्वे कराकर मुख्यमंत्री सृजन योजना के बजट से उनके पुनर्निर्माण की मांग की। उन्होंने पार्कों और उद्यानों के रखरखाव पर खर्च की गई धनराशि का विवरण भी सदन में प्रस्तुत करने को कहा।
पार्षद राजेश कुमार यादव ‘चल्लू’ ने लोलार्क छठ पर्व के दौरान भदैनी स्थित लोलार्क कुंड में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सफाई, लाइटिंग और रिसेटिंग व्यवस्था दुरुस्त कराने का प्रस्ताव रखा। सदन ने इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया।
पार्षद चंद्र नाथ मुखर्जी ‘चंदू’ ने प्रत्येक वार्ड में टूटी-फूटी गलियों की मरम्मत के लिए मिस्त्री, लेबर और सामग्री की सूची उपलब्ध नहीं कराए जाने पर सवाल उठाया। इस पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित व्यवस्था एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
पार्षद संजय जायसवाल ने जोन स्तर पर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के आवेदनों के महीनों लंबित रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आवेदन के समय ही संचिका संख्या दर्ज करने की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
नगर आयुक्त ने बताया कि म्यूटेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन है। इस पर महापौर ने ऑनलाइन व्यवस्था के साथ मैनुअल रिकॉर्ड भी रखने का निर्देश दिया।
पार्षद रिजवाना शाहिना फिरदौस नोमानी ने वैष्णो पुरम कॉलोनी में कादरिया मस्जिद से बड़ी मस्जिद होते हुए रेलवे लाइन तक मुख्य नाले पर हुए अवैध निर्माण और पाटन को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है।
पार्षद प्रमोद राय ने नगर निगम और नजूल की आवंटित एवं अवैध कब्जे वाली संपत्तियों का पूरा विवरण सभी पार्षदों को उपलब्ध कराने के साथ निर्माणाधीन संपत्तियों के आर्किटेक्ट डिजाइन की जानकारी देने की मांग की।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े सभी प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सीमा पांडेय, अमित कुमार, विनोद कुमार गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, जलकल महाप्रबंधक अनूप सिंह, पशु एवं चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृत राज, मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र, उद्यान अधीक्षक डॉ. वीके सिंह, संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र, सीएफओ मनीष शुक्ला, सीटीओ कुमार असीम रंजन सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।