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वाराणसी की गौशालाओं में गोवंश के लिए हरा चारा-पानी और भूसे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश



 08/Sep/26

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सड़क पर घूम रहे छुट्टा पशुओं को अभियान चलाकर गोवंश आश्रय स्थलों तक पहुंचाने को कहा, चारागाह भूमि पर नेपियर घास उगाने और गोवंश की जियोटैगिंग के भी निर्देश

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में गौशालाओं एवं गोवंश संरक्षण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, पशुओं के लिए हरे चारे, पानी, साइलेज और भूसे की उपलब्धता के साथ ही चारागाह भूमि के प्रबंधन एवं हरे चारे के उत्पादन की समीक्षा की गई।

मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर पशुओं के लिए हरे चारे, पानी, साइलेज और भूसे की व्यवस्था की गई है। वहीं, वृहद गोवंश आश्रय स्थल वन्देपुर में न्यूनतम दर पर भूसे की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है।

गौशालाओं में साफ-सफाई पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर पशुओं के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोशालाओं के अंदर और आसपास साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था हर हाल में बनी रहनी चाहिए। साथ ही सभी गो आश्रय स्थलों पर हरे चारे की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराने को कहा।

उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान, गर्भित पशुओं सहित अन्य आवश्यक आंकड़ों का रिकॉर्ड रखने के लिए प्रत्येक गो आश्रय स्थल पर अलग रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए।

सड़क पर घूमने वाले छुट्टा पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाने का निर्देश

जिलाधिकारी ने नगर निगम को अभियान चलाकर सड़क पर घूमने वाले छुट्टा गोवंश को पकड़कर गोवंश आश्रय स्थलों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं के विचरण से दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है, इसलिए इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

चारागाह भूमि पर उगाई जाएगी नेपियर घास

जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को अपने-अपने क्षेत्र के कम से कम एक गो आश्रय स्थल पर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वर्मी कम्पोस्टिंग से खाद तैयार कराने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ‘नेपियर घास उगाओ अभियान’ के तहत चारागाह भूमि पर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हरे चारे का उत्पादन कराने और तैयार चारे को गोशालाओं तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

सुपुर्द गोवंश की जियोटैगिंग अनिवार्य

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने गोशालाओं से सुपुर्द किए गए गोवंश पशुओं की जियोटैगिंग अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंश संरक्षण से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी और रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने पर भी जोर दिया।

बैठक में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, सभी बीडीओ, डिप्टी सीवीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


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