QR कोड से ऑनलाइन ठगी का खेल बेनकाब, कैश लेने पहुंचा आरोपी गिरफ्तार
ऑनलाइन ठगी के मामलों पर कार्रवाई के तहत बड़ागांव पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो साइबर कैफे में QR कोड के जरिए रकम भेजकर उसके बदले नकद लेने पहुंचा था। आरोपी के दो साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस का दावा है कि गिरोह ऑनलाइन सोना और नोटों की गड्डियां दिखाकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था।
पुलिस के अनुसार भरतपुर निवासी साइबर कैफे संचालक रिकी रोशन ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते में 15,300 रुपये की संदिग्ध राशि आने के बाद बैंक ने खाता होल्ड कर दिया। जांच में पता चला कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने खाते में रकम भेजी थी और बदले में नकद ले गया था।
पुलिस जांच के दौरान 21 जुलाई को वही व्यक्ति दोबारा साइबर कैफे पहुंचा। इस बार उसने फिर QR कोड के जरिए रकम भेजकर नकद लेने का प्रयास किया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर कैफे संचालक ने शोर मचा दिया। आसपास के लोगों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया गया, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी की पहचान आलोक सिंह निवासी गोपालापुर, थाना रामपुर (जौनपुर) के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अपने साथियों हेमंत सिंह और सतीश सिंह के साथ मिलकर ऑनलाइन सोना और नोटों की गड्डियां दिखाकर लोगों से ठगी करता था। जांच में यह भी सामने आया कि साइबर कैफे में भेजी गई रकम एक पीड़ित से 85 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़ी थी।
इस मामले में बड़ागांव थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।