विद्यार्थियों को मास्टर प्लान, भवन मानचित्र, ग्रीन बेल्ट, विरासत संरक्षण और सतत शहरी विकास की दी जाएगी जानकारी
वाराणसी | क्लाउन टाइम्स वाराणसी के नियोजित और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू) के आर्किटेक्चर, प्लानिंग एंड डिज़ाइन विभाग के बीच सहयोगात्मक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल के तहत शहर के 115 इंटरमीडिएट विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शहरी नियोजन, सतत विकास और विरासत संरक्षण विषयों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
समझौता ज्ञापन पर आईआईटी (बीएचयू) के आर्किटेक्चर, प्लानिंग एंड डिज़ाइन विभागाध्यक्ष प्रो. रबी नारायण मोहंती तथा वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पुर्ण बोरा ने हस्ताक्षर किए।
विद्यार्थियों को मिलेगी व्यवहारिक जानकारी
इस अभियान के अंतर्गत चिन्हित शिक्षण संस्थानों में संयुक्त रूप से व्याख्यान, कार्यशालाएँ, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार, संवाद सत्र और अध्ययन भ्रमण (स्टडी विजिट) आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वाराणसी मास्टर प्लान, ले-आउट एवं भवन मानचित्र की अवधारणा, मानचित्र स्वीकृति की आवश्यकता, ग्रीन बेल्ट के प्रावधान, सिटी प्लानिंग, अर्बन प्लानिंग, पर्यावरण संरक्षण तथा विरासत संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी।
युवाओं को जागरूक बनाने पर रहेगा जोर
वाराणसी के तेजी से हो रहे शहरी विस्तार, विशेषकर अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विकास को देखते हुए इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नियोजित विकास के महत्व से अवगत कराना है, ताकि भविष्य में शहरों के सामने आने वाली बुनियादी समस्याओं का प्रभावी समाधान तैयार किया जा सके।
आधुनिक शहरी केंद्र बनने की दिशा में वाराणसी
वाराणसी पूर्वांचल के आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में वाराणसी विकास प्राधिकरण नागरिकों और युवाओं को शहर के नियोजित एवं समावेशी विकास से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
दोनों संस्थानों की होगी अहम भूमिका
समझौते के अनुसार, आईआईटी (बीएचयू) का आर्किटेक्चर, प्लानिंग एंड डिज़ाइन विभाग तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराएगा। वहीं वाराणसी विकास प्राधिकरण कार्यक्रमों के समन्वय के साथ वाराणसी मास्टर प्लान, नगर विकास परियोजनाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।