वाराणसी। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने सुनियोजित, सुरक्षित और व्यवस्थित शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पिछले छह महीनों में 83 लेआउट स्वीकृत किए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि अब लेआउट एवं भवन मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध कर दी गई है, जिसके तहत सिर्फ सात कार्य दिवस में लेआउट एवं भवन मानचित्र की स्वीकृति प्रदान की जा रही है।
वीडीए के अनुसार, स्वीकृत लेआउट में प्लॉट खरीदने वाले भू-स्वामियों को भवन मानचित्र स्वीकृति के समय विकास शुल्क नहीं देना होगा, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और अधिक से अधिक लोग वैध एवं स्वीकृत परियोजनाओं में निवेश के लिए प्रेरित होंगे।
प्राधिकरण ने बताया कि पूर्व में कई निजी प्लॉटर बिना भूमि उपयोग (लैंड यूज़) की जांच और प्राधिकरण की स्वीकृति के कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर बिक्री कर देते थे। इसके कारण खरीदारों को भवन मानचित्र स्वीकृत कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई परियोजनाओं में मानक के अनुरूप सड़कें, पार्क तथा सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भूमि भी उपलब्ध नहीं कराई जाती थी, जिससे कई क्षेत्रों का विकास अव्यवस्थित और संकरी गलियों के रूप में हुआ।
वीडीए ने कहा कि इन समस्याओं को देखते हुए लेआउट स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सरल बनाया गया है। अब प्लॉटर को भूमि उपयोग, सड़क, पार्क, सार्वजनिक सुविधाओं सहित सभी निर्धारित मानकों का पालन करने के बाद ही लेआउट स्वीकृति दी जा रही है। इससे शहर का संतुलित एवं नियोजित विकास सुनिश्चित होगा और नागरिकों को भविष्य में बेहतर बुनियादी सुविधाओं वाला आवासीय वातावरण मिलेगा।
प्राधिकरण के अनुसार, इस व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव यह है कि अब कई रियल एस्टेट डेवलपर अपनी परियोजनाओं का प्रचार "वीडीए से स्वीकृत लेआउट" के रूप में कर रहे हैं। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा है और उन्हें सुरक्षित, वैध तथा भविष्य में कानूनी व तकनीकी विवादों से मुक्त निवेश का विश्वास मिल रहा है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण ने कहा है कि वह आगे भी नागरिकों के हितों की रक्षा करते हुए नियमानुसार विकास को बढ़ावा देने और वाराणसी को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।