वाराणसी। आर. एस. बनारस लॉ कॉलेज, करमजीतपुर, सुंदरपुर में संस्थापक स्वर्गीय रामाशंकर जायसवाल की 95वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं संस्थापक के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने माता-पिता को समर्पित भावपूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पंजीयन एवं स्टाम्प शुल्क राज्य मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि माता-पिता से बढ़कर इस संसार में कोई देवता नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता का सम्मान करता है, वही वास्तविक अर्थों में जीवन में सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने संस्थापक स्व. रामाशंकर जायसवाल के शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित यह संस्थान गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से न्याय, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
संस्थान की चेयरपर्सन अंजू जायसवाल ने कहा कि संस्थापक का सपना था कि यह संस्थान उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का भी केंद्र बने। उन्होंने सभी से उनके आदर्शों पर चलकर संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
प्राचार्य विपाशा गोस्वामी ने संस्थापक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कॉलेज विद्यार्थियों को बेहतर विधि शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है, ताकि छात्र न्यायिक सेवा एवं विधि क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बना सकें।
कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षाविद, अधिवक्ता, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में कॉलेज परिवार ने संस्थापक स्व. रामाशंकर जायसवाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए आदर्शों पर चलने और शिक्षा के क्षेत्र में उनके सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।