MENU

रविन्द्र जायसवाल ने वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 की तैयारियों की समीक्षा की, बोले- हर नागरिक ‘मां के नाम एक पेड़’ जरूर लगाए



 10/Jul/26

वाराणसी। आगामी 12 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 को सफल, सुव्यवस्थित और जनभागीदारी आधारित अभियान बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए मंत्री ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध, समन्वित एवं प्रभावी ढंग से वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।

बैठक को संबोधित करते हुए रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को "मां के नाम एक पेड़" अवश्य लगाना चाहिए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उनका कहना था कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका जीवित रहना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सभी पौधारोपण स्थलों पर पहले से हों पूरी व्यवस्थाएं

समीक्षा बैठक के दौरान वृक्षारोपण स्थलों के चयन, गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता एवं गुणवत्ता, सुरक्षित परिवहन, सिंचाई व्यवस्था, पौधों के संरक्षण, जियो टैगिंग, विभागवार लक्ष्य, नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियां तथा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी पौधारोपण स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि अभियान बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने हिस्से में लगाए जाने वाले पौधों की नियमित निगरानी, सिंचाई और सुरक्षा की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करे, जिससे पौधों के जीवित रहने की दर अधिकतम हो।

हर वार्ड में होगा पौध वितरण, मुफ्त मिलेंगे पौधे

रविन्द्र जायसवाल ने नगर के प्रत्येक वार्ड में एक उपयुक्त स्थल अथवा प्रमुख चौराहे का चयन कर वहां पर्याप्त संख्या में पौधे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इन केंद्रों से वार्डवासियों को निःशुल्क पौधों का वितरण किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें और जनभागीदारी बढ़े।

उन्होंने बनारस की सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए पान और कत्था के पौधों के साथ-साथ शहतूत, अर्जुन, चिरौंजी, महुआ जैसे उपयोगी एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों के रोपण पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा मुख्यालय को जोड़ने वाली चौड़ी सड़कों, उनके मीडियन, औद्योगिक क्षेत्रों, विकसित की जा रही टाउनशिप, बस स्टॉप और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सघन वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में उपयुक्त स्थानों पर बेल के पौधे लगाने का भी सुझाव दिया।

"प्रकृति का कर्ज पहले ही चुका दें"

मंत्री ने काशीवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अंतिम संस्कार के लिए बड़ी मात्रा में लकड़ी की आवश्यकता होती है, जिसके लिए पेड़ों की कटाई करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि काशी के लोग आत्मसम्मानी हैं और हमें ऐसा प्रयास करना चाहिए कि जीवनकाल में इतने पेड़ लगा जाएं कि प्रकृति का कर्ज पहले ही चुका दिया जाए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है और हर नागरिक को इस महाअभियान का हिस्सा बनना चाहिए।

विद्यालयों में प्रतियोगिताएं कराकर बढ़ाई जाएगी जागरूकता

रविन्द्र जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में वृक्षारोपण के महत्व को लेकर गीत-संगीत, निबंध लेखन, चित्रकला एवं अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित कर बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि बचपन से ही उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जनभागीदारी पर दिया जोर

बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में पौध भंडारा आयोजित कर ग्रामीणों और किसानों को पौध वितरित किए जाएं।

उन्होंने आमजन से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प अवश्य ले।

अधिकारियों ने प्रस्तुत की तैयारियों की रिपोर्ट

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी प्रस्तुत की और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का भरोसा दिलाया।

इस समीक्षा बैठक में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार, डीएफओ निधि चौहान सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न वार्डों के पार्षद उपस्थित रहे।


इस खबर को शेयर करें

Leave a Comment

6542


सबरंग