अमेरिका में भारतीय मूल के अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ), FBI, लॉस एंजिलिस पुलिस विभाग (LAPD), कनाडा की RCMP तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने संयुक्त अभियान "ऑपरेशन हार्ड बॉल" चलाकर भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई की है।
इस पूरे मामले की जानकारी 7 जुलाई 2026 को लॉस एंजिलिस में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी अटॉर्नी बिल एसायली (Bill Essayli), FBI लॉस एंजिलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि कुल 37 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है, जबकि अमेरिका, कनाडा और यूरोप में की गई कार्रवाई के दौरान 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों पर हत्या, अपहरण, रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी, धन उगाही और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से जुड़े गंभीर आरोप हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों ने भारत से बाहर भी अपना आपराधिक नेटवर्क फैलाया और कई देशों में गतिविधियां संचालित कीं।
जांच के दौरान अमेरिकी एजेंसियों ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम लगभग 4 लाख डॉलर की कथित गैंग से जुड़ी रंगदारी के मामले में सामने आया है। इन आरोपों के बाद पंजाब पुलिस ने उन्हें उनके पद से हटा दिया है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह आरोप अमेरिकी जांच एजेंसियों के हैं और भारतीय अदालत में अभी दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में FBI अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत, कनाडा, यूरोप और अन्य देशों तक फैले अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क को तोड़ने के उद्देश्य से की गई है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां तथा नए खुलासे होने की संभावना जताई गई है।
क्लाउन टाइम्स इस अंतरराष्ट्रीय मामले से जुड़े हर आधिकारिक अपडेट पर लगातार नजर बनाए हुए है।