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1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में पहुंचे 1320 करोड़ रुपये, शिक्षकों के लिए SBI के साथ हुआ सामाजिक सुरक्षा समझौता



 08/Jul/26

वाराणसी से 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को 1320 करोड़ रुपये DBT, शिक्षकों के लिए SBI के साथ सामाजिक सुरक्षा समझौता

वाराणसी के टीएफसी बड़ालालपुर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में 1320 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए। शिक्षकों एवं कार्मिकों के लिए एसबीआई के साथ सामाजिक सुरक्षा संबंधी एमओयू का आदान-प्रदान भी हुआ।

वाराणसी, 08 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) से बेसिक शिक्षा विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 1 करोड़ 10 लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1320 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की। साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) का आदान-प्रदान भी कराया गया।

राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 से छात्र-छात्राओं को मिलने वाली आवश्यक शैक्षणिक सामग्री के लिए धनराशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था लागू की गई है। वर्तमान में प्रत्येक छात्र-छात्रा को दो सेट यूनिफॉर्म के लिए 600 रुपये, स्कूल बैग के लिए 175 रुपये, स्वेटर के लिए 200 रुपये, जूता-मोजा के लिए 125 रुपये तथा स्टेशनरी के लिए 100 रुपये, यानी कुल 1200 रुपये प्रति छात्र डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

शैक्षिक सत्र 2026-27 के प्रथम चरण में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए निर्धारित सामग्री की खरीद हेतु 1320 करोड़ रुपये सीधे अभिभावकों के सीडेड बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए। मुख्यमंत्री ने इसे शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग एवं भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीच सामाजिक सुरक्षा संबंधी एमओयू का भी आदान-प्रदान किया गया। इसके तहत विभाग के लगभग 10 लाख शिक्षक एवं संविदा कार्मिक विभिन्न बीमा सुविधाओं से लाभान्वित होंगे।

समझौते के अनुसार 10 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले स्थायी शिक्षक एवं कार्मिकों को 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, 1 करोड़ रुपये का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस, 1 करोड़ रुपये का स्थायी दिव्यांगता बीमा तथा 1.60 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंट कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा किसी अनहोनी की स्थिति में उनके बच्चों की शिक्षा तथा पुत्रियों के विवाह के लिए भी विशेष सहायता (Aid-on Cover) प्रदान की जाएगी।

10 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन प्राप्त करने वाले संविदा कार्मिकों को 80 लाख रुपये तक का पर्सनल एक्सीडेंट कवर, स्थायी एवं आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में क्रमशः 80 लाख एवं 40 लाख रुपये तक का बीमा तथा एयर एक्सीडेंट कवर उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं 10 हजार रुपये से कम वेतन वाले कार्मिकों को जीरो बैलेंस खाते एवं एसबीआई डेबिट कार्ड के साथ दो लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन कार्मिकों के वेतन खाते पहले से भारतीय स्टेट बैंक में हैं, उन्हें सैलरी पैकेज में परिवर्तित किया जाएगा। जिनके खाते एसबीआई में नहीं हैं, उन्हें बैंक में वेतन खाता खोलने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे भी इन सभी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनसामान्य के सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना के लाभार्थियों, शिक्षकों, कार्मिकों तथा छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं।

इसी अवसर पर स्वच्छ एवं हरित विद्यालय योजना (SHVR) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया। भारत सरकार द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, हाथ धुलाई, रखरखाव तथा व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है। वर्ष 2025-26 से इसे स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के रूप में लागू किया गया है। विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन के बाद प्रदेश के प्रस्तावित विद्यालयों में से 12 विद्यालयों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन किया गया, जिन्हें मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सम्मानित किया गया।

 


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