MENU

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का किया शुभारंभ, 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के खातों में भेजे 1320 करोड़ रुपये



 08/Jul/26

वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉन्च की शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, 1.10 करोड़ छात्रों को 1320 करोड़ रुपये DBT

वाराणसी के टीएफसी बड़ालालपुर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में 1320 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे गए। कार्यक्रम में शिक्षकों के लिए SBI के साथ एमओयू तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित विद्यालयों का सम्मान भी किया गया।

वाराणसी, 08 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के 1 करोड़ 10 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1320 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की तथा शिक्षकों एवं कार्मिकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ हुए एमओयू का आदान-प्रदान भी कराया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी बच्चा बेहतर शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। यह केवल सरकार या शिक्षकों का नहीं, बल्कि अभिभावकों और समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निपुण भारत अभियान के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप दक्ष बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मजबूत इमारत के लिए मजबूत नींव आवश्यक होती है, उसी प्रकार विकसित भारत के निर्माण के लिए बच्चों की शिक्षा की मजबूत नींव जरूरी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा में किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता। उत्तर प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और आज प्रदेश में नकल विहीन परीक्षा व्यवस्था स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और आधारभूत संरचना सहित सभी क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है।

उन्होंने कहा कि हमारे आदर्श आचार्य चाणक्य और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय होने चाहिए, जिनके विचार राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालयों में अनुशासन, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित करने का आह्वान किया ताकि विकसित भारत का लक्ष्य साकार हो सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 1 करोड़ 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में 1320 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है, जिससे छात्र-छात्राओं के लिए यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, स्वेटर, जूते-मोजे तथा स्टेशनरी की खरीद सुनिश्चित होगी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डेन, शिक्षिकाएं, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइये तथा उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

इस योजना के अंतर्गत प्रति शिक्षक लगभग 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार करेगी तथा इस पर प्रतिवर्ष लगभग 447 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। योजना का संचालन साचीज (State Agency for Comprehensive Health and Integrated Services) के माध्यम से होगा और लाभार्थियों को सरकारी तथा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में लगभग 1900 से अधिक उपचार पैकेजों का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से 15 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए।

कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग एवं भारतीय स्टेट बैंक के मध्य सामाजिक सुरक्षा संबंधी एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया। इसके तहत लगभग 10 लाख शिक्षक एवं अन्य कार्मिक विभिन्न बीमा सुविधाओं से लाभान्वित होंगे। स्थायी शिक्षकों को ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, पर्सनल एक्सीडेंट कवर, एयर एक्सीडेंट कवर सहित कई सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। संविदा कार्मिकों एवं कम वेतन वाले कर्मचारियों के लिए भी अलग-अलग बीमा एवं सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय योजना (SHVR) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और हरित विद्यालय बच्चों के समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं।

इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' की भावना के साथ कार्य कर रही है तथा उत्तर प्रदेश की अनेक योजनाएं आज दूसरे राज्यों के लिए भी मॉडल बन रही हैं।

कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, लोक निर्माण राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, महापौर अशोक कुमार तिवारी, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक त्रिभुवन राम, अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीजीएम दीपेश राय, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं, कार्मिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।यह संस्करण वेबसाइट प्रकाशन के लिए SEO फ्रेंडली है, लेकिन ध्यान दें कि आपकी मूल प्रेस विज्ञप्ति इतनी लंबी है कि उसके योजना संबंधी सभी 25+ बिंदुओं को शब्द-सीमा के कारण एक ही उत्तर में शामिल करना संभव नहीं है। यह खबर प्रकाशन योग्य है और सभी प्रमुख तथ्य व नाम इसमें शामिल हैं।

 


इस खबर को शेयर करें

Leave a Comment

1617


सबरंग